केंद्रीय बजट 2026: रोशन लाल तेली ने बताया जन और किसान विरोधी
एआईसीसी लोकसभा सहप्रभारी ने बजट को दिशाहीन करार देते हुए राजस्थान की महत्वपूर्ण परियोजनाओं और ईआरसीपी की अनदेखी पर केंद्र सरकार की आलोचना की।

आमेट में आयोजित बैठक के दौरान केंद्रीय बजट 2026 की खामियों को उजागर करते हुए कांग्रेस नेता रोशन लाल तेली।
आमेट, राजसमंद: लोकसभा सहप्रभारी रोशन लाल तेली ने रविवार को प्रस्तुत हुएं केंद्रीय बजट 2026 को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि—
"यह बजट आमजन, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। बजट में न तो देश की वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों की समझ दिखाई देती है और न ही वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए कोई ठोस एवं दूरदर्शी योजना प्रस्तुत की गई है।"
गंभीर मुद्दों पर बजट की चुप्पी
रोशन लाल तेली ने प्रमुख आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि:
- बढ़ती महंगाई और रुपये की गिरती स्थिति पर बजट मौन है।
- एआई (AI) व ऑटोमेशन के कारण उत्पन्न हो रही बेरोज़गारी जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
- युवाओं के लिए रोजगार, किसानों की आय और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किए गए।
जिससे देशभर में निराशा का माहौल है और बजट के बाद शेयर बाज़ार में आई गिरावट भी निवेशकों के घटते भरोसे को दर्शाती है।
राजस्थान के साथ 'सौतेला' व्यवहार और अन्याय
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट 2026 में राजस्थान के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। बजट भाषण में राजस्थान का उल्लेख तक न होना प्रदेश की जनता के साथ हो रहे अन्याय को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे बड़े, रणनीतिक राज्य की कई महत्वपूर्ण जनहितकारी मांगों की अनदेखी की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है—
- ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया गया।
- रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए जल जीवन मिशन में कोई विशेष ग्रांट नहीं मिली।
- राजस्थान के लिए प्रस्तावित 9 एक्सप्रेस-वे पर कोई घोषणा नहीं की गई।
निष्कर्ष और केंद्र सरकार से मांग
रोशन लाल तेली ने कहा कि—
"यह बजट राजस्थान और राजसमंद की जनता की उम्मीदों के साथ बड़ा धोखा है।"
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह राज्यों के साथ भेदभाव की नीति छोड़कर समान, संतुलित और समावेशी विकास का दृष्टिकोण अपनाए, ताकि देश के हर क्षेत्र और हर वर्ग को उसका हक़ मिल सके।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
