श्री बिकावास माताजी मंदिर में भव्य भजन संध्या और जागरण का आयोजन
ज्येष्ठ वदी अष्टमी पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में राजस्थान सहित अन्य राज्यों के हजारों श्रद्धालुओं ने माताजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री बिकावास माताजी शक्ति पीठ पर आयोजित भजन संध्या में उपस्थित हजारों श्रद्धालु। इस कार्यक्रम में राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश से आए भक्तों ने माताजी की महाआरती में भाग लिया।
मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री बिकावास माताजी शक्ति पीठ पर ज्येष्ठ वदी अष्ठमी के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य जागरण एवं विशाल भक्ति भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। “एक शाम बिकावास माताजी के नाम” के तहत आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माताजी के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम से पूर्व मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया, जिसने रात्रि में मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। संध्या समय आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए। इससे पूर्व मंदिर के पुजारियों द्वारा माताजी का भव्य श्रृंगार किया गया। सजीव और अलौकिक स्वरूप में सुसज्जित माताजी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। दर्शन के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उनके जीवन का उद्देश्य पूर्ण हो गया हो।
रात्रि में आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ गणपति वंदना के साथ हुआ। राजस्थान के प्रसिद्ध भजन गायक रतन सिंह रावत, गणपत सिंह रावत एवं आशीष पारीक ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों ने गुरु महिमा, हनुमान भजन तथा बिकावास माताजी-भेरुजी के भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा।
मध्यरात्रि में माताजी की आरती के साथ पारंपरिक ‘खेली’ का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न देवस्थानों से पहुंचे भोपाओं ने माताजी के भाव स्वरूप आवेश में आकर दरबार में हाजिरी लगाई और पारंपरिक रीति से खेली प्रस्तुत की। आस्था और श्रद्धा से परिपूर्ण इस दृश्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में राजस्थान के मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों और जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आसपास के गांवों के ग्रामीण महिला-पुरुषों और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर माताजी के दर्शन किए तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
