आपसी भाईचारे के साथ निकला ताजियों का जुलूस, आस्था और सद्भाव का दिखा अनूठा संगम
आरनी गांव, कपासन में मुहर्रम के अवसर पर ताजियों का जुलूस अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। फूलों और रोशनी से सजे ताजियों को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूर्व सरपंच भेरूलाल सुथार ने अखाड़ा उस्ताद मुंशी मोहम्मद का सम्मान किया। पुलिस सुरक्षा, ग्राम पंचायत, स्थानीय युवाओं और समाजजनों के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

तस्वीर में दिख रहा है कि आरनी गांव की गली में मुहर्रम के अवसर पर सजाए गए ताजिये के साथ ग्रामीण और बच्चे जुलूस के दौरान एकत्रित हैं।
आरनी गांव में मुहर्रम के अवसर पर ताजियों का जुलूस बड़े अकीदत, उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे ताजियों को देखने के लिए गांव की गलियों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जुलूस में बुजुर्ग, बच्चे और नौजवान बड़ी संख्या में शामिल हुए, जहां हर चेहरे पर आपसी भाईचारे, मोहब्बत और सामाजिक सौहार्द की झलक साफ दिखाई दी।
गांव के सदर ईद मोहम्मद रंगरेज ने बताया कि मुहर्रम के मौके पर निकले ताजियों के जुलूस का गांव के सभी समुदायों के लोगों ने स्वागत और सत्कार किया। इस दौरान पूर्व सरपंच भेरूलाल सुथार ने अखाड़ा उस्ताद मुंशी मोहम्मद को साफा पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। सहायक उप निरीक्षक महिपाल सिंह मय थाना जाप्ता पूरे समय तैनात रहे। वहीं ग्राम पंचायत और स्थानीय युवाओं ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। ताजियों के साथ चल रहे लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पानी और शरबत की व्यवस्था भी की गई।
जुलूस के सफल और प्रभावी समापन में मुंशी मोहम्मद स्याह, गनी मोहम्मद, कल्लू मोहम्मद, शौकत हुसैन, सलीम मोहम्मद, बाबूदीन, शरीफ मोहम्मद, मोहम्मद गोरी, सैयद हुसैन, यूनुस, यासीन, पप्पू मोहम्मद, हारून, मुबारिक, सलीम मंसूरी, शेर आलम, निसार, अरहान, तौफीक, मोहसिन और इम्तियाज सहित समाज के अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा। मुहर्रम का यह आयोजन आरनी गांव में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
