आमेट। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के आदेशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद के निर्देशानुसार ताल्लुका विधिक सेवा समिति, आमेट में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विधिक अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों और सदस्यों की उपस्थिति में वर्षों से लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया गया।

न्यायिक बैंच एवं प्रकरणों का विवरण

विजय टाक (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट) न्यायिक अधिकारी एवं गोविंद सिंह (उपखंड अधिकारी) सदस्य, लोक अदालत की बैंच द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 546 प्रकरण नियत किए गए थे। इनमें से भरण-पोषण से संबधित 03 प्रकरण एवं एन.आई एक्ट के 9 प्रकरण, फौजदारी के 24 प्रकरण, दीवानी के 02 प्रकरण, राजस्व प्रकृति के 01 प्रकरण एवं धन वसूली के प्री-लिटिगेशन के 33 प्रकरण सहित कुल 72 प्रकरण राजीनामा के माध्यम से निस्तारित किए गए।

वित्तीय निस्तारण और बैंक वार प्रगति

लोक अदालत के माध्यम से न केवल विवाद सुलझे बल्कि बड़ी मात्रा में रुकी हुई राशि का भी सेटलमेंट हुआ। कार्यवाही के दौरान कुल 18,86,790/- रूपये राशि का निस्तारण किया गया। विशेष रूप से न्यायालय के एन.आई एक्ट के 9 प्रकरणों में 14,19,630 /- रूपये के मामलों का निस्तारण हुआ एवं अजमेर विधुत वितरित निगम लिमिटेड आमेट के 1,91,078/- रूपये के मामलों का निस्तारण हुआ।

अधिवक्ताओं एवं विभिन्न विभागों की उपस्थिति

इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता प्रहलादसिंह चुण्डावत, वरिष्ठ अधिवक्ता डालचन्द्र जाट, समुन्द्रसिंह चुण्डावत, सुश्री मनीषा वैष्णव उपस्थित रहे। साथ ही एस.बी.आई. बैंक, आमेट, बैंक ऑफ बडौदा, आमेट, आर.एम.जी.बी. बैंक, आमेट, आईसीआईसीआई बैंक आमेट, आईडीबीआई बैंक लावा, सरदारगढ़, बीएसएनएल आफिस, आमेट एवं अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. आमेट के कर्मचारीगण एवं पक्षकारान् उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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