आमेट: कमेरी चौराहे पर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से आमेट-देवगढ़ मार्ग पर लगाया चक्काजाम
आमेट-देवगढ़ रोड पर कमेरी चौराहे के पास ठेकेदार राजेंद्र कुमार, ऋषभदेव की लापरवाही से पेयजल पाइपलाइन टूटने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। 20 दिनों से पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के हस्तक्षेप और पाइपलाइन जल्द ठीक करने के आश्वासन के बाद जाम खोला गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

आमेट। विकास की सुस्त रफ्तार और विभागीय अनदेखी जब जनजीवन पर भारी पड़ने लगती है, तो जनता का सब्र आक्रोश बनकर सड़कों पर उतर आता है। कुछ ऐसा ही मंजर मंगलवार को आमेट-देवगढ़ रोड स्थित कमेरी चौराहे पर देखने को मिला, जहां पिछले 20 दिनों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठेकेदार की लापरवाही के कारण कटी पेयजल लाइन ने पूरे गांव की प्यास बढ़ा दी है, जिससे नाराज होकर पुरुषों और महिलाओं ने मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, आमेट-देवगढ़ रोड पर इन दिनों सड़क सुधारीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना का कार्य ठेकेदार राजेंद्र कुमार, ऋषभदेव द्वारा कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व सड़क की खुदाई के दौरान जेसीबी ऑपरेटर और मजदूरों की लापरवाही से गांव की मुख्य जल संग्रहण टंकी तक जाने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। इस तकनीकी खराबी के कारण गांव की संपूर्ण पेयजल आपूर्ति ठप हो गई और ग्रामीण भीषण जल संकट के घेरे में आ गए।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पाइपलाइन टूटने की सूचना तत्काल ठेकेदार राजेंद्र कुमार और कार्य स्थल पर मौजूद कर्मचारियों को दी थी। पिछले 20 दिनों में कई बार गुहार लगाने के बावजूद ठेकेदार और संबंधित एजेंसी ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। बार-बार मिल रही उपेक्षा से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में लोग कमेरी चौराहे पर एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर आवागमन ठप कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही दिवेर थाना पुलिस का जाब्ता और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के रोष को शांत करने का प्रयास किया और वस्तुस्थिति का जायजा लिया। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक पाइपलाइन को दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल नहीं की जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को युद्धस्तर पर ठीक कराया जाएगा। इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब घंटों बाद यातायात पुनः सुचारु हो सका। यह घटना स्पष्ट करती है कि निर्माण कार्यों के दौरान विभागीय समन्वय की कमी किस प्रकार आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन जाती है।

Pratahkal Bureau
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