आमेट। सड़क पर बरती गई एक छोटी सी लापरवाही न केवल एक परिवार को उजाड़ सकती है, बल्कि समाज के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा देती है। इसी गंभीर विषय को केंद्र में रखते हुए राजसमन्द जिले के आमेट ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढेलाणा में सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत एक भव्य निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। "जीवन अनमोल है, जीवन की सुरक्षा करें" के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के प्रति न केवल शिक्षित किया, बल्कि उन्हें समाज के लिए एक सजग प्रहरी बनने की प्रेरणा भी दी।

प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा महज नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह स्वयं के प्रति और दूसरों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन ईश्वर का अनमोल उपहार है और इसकी रक्षा करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य होना चाहिए। प्रधानाचार्य शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस प्रतियोगिता में कक्षा नौ से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया और अपनी कलम के माध्यम से सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला।

विद्यार्थियों ने अपने निबंधों में सड़क दुर्घटनाओं के मूल कारणों का बारीकी से विश्लेषण किया। युवाओं ने हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट के महत्व और तेज गति से वाहन चलाने के जानलेवा परिणामों पर विचार साझा किए। विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से उत्पन्न होने वाले खतरों पर छात्रों ने गंभीर चिंता व्यक्त की। कई छात्रों ने अपने लेखन में यह रेखांकित किया कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यातायात संकेतों का सम्मान करके ही हम एक सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

सड़क सुरक्षा प्रभारी लता शर्मा ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्रों के भीतर जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि छात्र समाज की सबसे प्रभावशाली कड़ी हैं, जो अपने परिवार और आसपास के लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए सबसे बेहतर तरीके से प्रेरित कर सकते हैं। प्रतियोगिता को सफल बनाने और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने में शारीरिक शिक्षक मनोज कुमार शर्मा, गजराज सिंह, विजयसिंह, गिरिराज प्रजापत, नारायण रेगर, गोपाल टेलर और मुकेश कुमार गुगड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन ने ढेलाणा विद्यालय के प्रांगण को एक वैचारिक मंच में बदल दिया, जहाँ हर शब्द सड़क दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने की दिशा में एक संकल्प के रूप में उभरा। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रतिध्वनित हुआ कि यदि प्रत्येक नागरिक ईमानदारी से नियमों को अपना ले, तो सड़कों पर बहने वाले रक्त को रोका जा सकता है और अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

Next Story