आमेट: पीएम श्री विद्यालय में गूंजा संविधान का उद्घोष, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत विशेषज्ञों ने साझा किए ज्ञान के सूत्र
आमेट के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित सेमीनार में न्यायविद् डॉ. बसन्ती लाल बाबेल ने संविधान के महत्व और मौलिक कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों ने विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के टिप्स दिए और विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने हेतु प्रेरित किया। पढ़ें इस भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट।

आमेट। शिक्षा के मंदिर में जब कानून की बारीकियों और विज्ञान की तार्किकता का संगम होता है, तो भविष्य की एक सशक्त पीढ़ी की नींव पड़ती है। कुछ ऐसा ही दृश्य आमेट के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में देखने को मिला, जहाँ 'राष्ट्रीय आविष्कार अभियान' के अंतर्गत एक भव्य राष्ट्रीय स्तरीय एक्सपर्ट टॉक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रसिद्ध न्यायविद् और पूर्व न्यायाधीश डॉ. बसन्ती लाल बाबेल ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि संविधान का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का परम कर्तव्य है।
सेमीनार का आगाज़ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव और विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. बसन्ती लाल बाबेल ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की प्रस्तावना से लेकर इसके निर्माण की जटिल प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न अनुच्छेदों और नीति निर्देशक तत्वों की व्याख्या करते हुए छात्र-छात्राओं को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बीच के संतुलन को समझाया। डॉ. बाबेल ने संसदीय कार्यप्रणाली और शिक्षा के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कानूनी ज्ञान साझा किया, साथ ही विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और गणित, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने के लिए प्रोत्साहित किया।
विषय की गहराई को आगे बढ़ाते हुए द्वितीय एक्सपर्ट टॉक के वक्ता, राउमावि घोसुण्डी के प्रधानाचार्य अविनाश जोशी ने गणित और विज्ञान जैसे विषयों को सरल बनाने के गुर सिखाए। उन्होंने छोटे-छोटे सूत्रों और रोचक टिप्स के माध्यम से छात्रों में इन विषयों के प्रति रुचि जगाने का प्रयास किया। वहीं, अति विशिष्ट अतिथि सीबीईओ नारायण सिंह राव ने अपने उद्बोधन में नैतिक मूल्यों पर बल देते हुए कहा कि संविधान के नियमों का पालन करना ही एक सभ्य नागरिक की पहचान है। उन्होंने युवाओं को अपराधों से दूर रहने और एक उच्च कोटि के जीवन चरित्र के निर्माण का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत ने आगंतुक विशेषज्ञों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व, उप प्राचार्य बाबुलाल सालवी, मनोज कुमार शर्मा, नवल सिंह और कार्यक्रम सह प्रभारी मुकेश वैष्णव ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन प्राध्यापक राखी आर्य द्वारा किया गया। इस शैक्षणिक महाकुंभ में प्राध्यापक रेखा जीनगर, रामावतार सैनी, भैरुं लाल जीनगर, रुप सिंह फागणा, मीरा सैनी, रौनक मेवाड़ा और दिलीप सिंह सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। यह सेमीनार न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि इसने विद्यार्थियों के मन में देश के कानून के प्रति सम्मान और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा का नया दीप प्रज्वलित किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
