राजस्थान के आमेट में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी भंग कर नए कार्यकाल के लिए अध्यक्ष का चुनाव किया गया।

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ की स्थानीय शाखा का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय तेरापंथ सभा भवन में गरिमामय एवं भव्य माहौल में आयोजित किया गया। धर्मसंघ की इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में लोकतांत्रिक और आध्यात्मिक मूल्यों का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां सर्वसम्मति से एक बार फिर यशवंत कुमार चोरड़िया को आगामी कार्यकाल के लिए तेरापंथ सभा का अध्यक्ष चुना गया। इस घोषणा के साथ ही पूरा सभा भवन हर्ष की ध्वनि और जयकारों से गूंज उठा। जेटीएन प्रतिनिधि पवन कच्छारा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अधिवेशन में समाज के प्रबुद्धजनों और संस्था के सदस्यों की बेहद अनुकरणीय और अच्छी उपस्थिति दर्ज की गई।

कार्यक्रम का विधिवत आगाज सामूहिक नमस्कार महामंत्र के ऊर्जामय जाप के साथ हुआ। इसके पश्चात अशोक पितलिया एवं पवन कच्छारा ने सुमधुर स्वरों में तेरापंथ सभा के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए सभा गीत "हमारे भाग्य बड़े बलवान मिला यह तेरापंथ महान" का संगान किया, जिसने उपस्थित श्रावकों में अपूर्व उत्साह का संचार किया। इसके बाद आध्यात्मिक और नैतिक कर्तव्यों के प्रति संकल्प दोहराते हुए श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन सभा के निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मेहता द्वारा किया गया।

औपचारिक शुरुआत के बाद मंच पर आसीन अतिथियों में तेरापंथ सभा के अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया, निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मेहता, सभा मंत्री मनोहर लाल पितलिया, देवेंद्र कुमार कच्छारा, संरक्षक महोदय लाभचंद हिंगड़, महेंद्र बोहरा, तेज प्रकाश कोठारी, सुंदरलाल हिरण, जैन श्वेतांबर तेरापंथ महासभा के सदस्य प्रवीण ओस्तवाल, और तुलसी अमृत विद्यापीठ के अध्यक्ष अरविंद कुमार भरसारिया सहित अग्रिम पंक्ति में बैठे सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपना स्थान ग्रहण किया।

अधिवेशन के मुख्य एजेंडे के तहत प्रशासनिक और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए विगत वर्ष की सांगठनिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। सभा के सहमंत्री सुदीप छाजेड़ ने पिछली बैठकों की विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी। इसके बाद सभा के मुख्य मंत्री मनोहर लाल पीतलिया ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर के कार्यों का लेखा-जोखा दिया। वित्तीय पारदर्शिता को सामने रखते हुए सभा के सहमंत्री अशोक पितलिया ने आय-व्यय का पूरा हिसाब-किताब (ब्यूरो) सदन के सामने पेश किया। इस वित्तीय विवरण की गहन जांच और ऑडिट पारस मल पामेचा द्वारा की गई थी, जिन्होंने तमाम खातों और हिसाब को पूरी तरह सही पाया। इसके बाद पूरे सदन ने एक मत होकर सर्वसम्मति से इस बजट और आय-व्यय के हिसाब को पास कर दिया।

सांगठनिक प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाते हुए तेरापंथ सभा के अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया ने अपने मौजूदा कार्यकाल की कार्यकारिणी को भंग करने की आधिकारिक घोषणा की। तत्पश्चात, उन्होंने आगामी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए मंच चुनाव अधिकारी लाभचंद हिंगड़ एवं देवेंद्र कुमार कच्छारा को सुपुर्द कर दिया। चुनाव अधिकारियों ने लोकतांत्रिक गरिमा का पालन करते हुए सदन में उपस्थित सदस्यों से नए अध्यक्ष पद के लिए नाम प्रेषित करने का आह्वान किया।

इस पर संपूर्ण सदन ने एक स्वर में निवर्तमान अध्यक्ष की कार्यकुशलता और निष्ठा पर विश्वास जताते हुए अध्यक्ष पद के लिए पुनः यशवंत कुमार चोरड़िया का नाम प्रस्तावित किया। सदन द्वारा सर्वसम्मति से यशवंत कुमार चोरड़िया को दोबारा अध्यक्ष घोषित किए जाने पर उपस्थित जनमेदिनी ने करतल ध्वनि और हर्ष के नारों के साथ उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। इससे पूर्व, अपने स्वागत उद्बोधन में यशवंत कुमार चोरड़िया ने भावुक होते हुए उन सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके कार्यकाल के दौरान निरंतर सहयोग प्रदान किया था। इस पूरे गरिमामय और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बेहद कुशल संचालन सभा मंत्री मनोहर लाल पितलिया ने किया।

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