आमेट तेरापंथ सभा भवन में सामूहिक पारणा और क्षमायाचना कार्यक्रम आयोजित
आचार्य महाश्रमण के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में श्रावकों ने खमत खमणा कर क्षमा मांगी, तपस्वियों व श्रीमाल परिवार का सम्मान हुआ।

तस्वीर में आमेट सभा भवन में अभिनंदन पत्र भेंट करते और हाथ जोड़ते लोग।
आमेट, 16 सितंबर। तेरापंथ सभा भवन आमेट में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के दिशा-निर्देशानुसार क्षमायाचना एवं सामूहिक पारणा कार्यक्रम श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उपासक प्रवक्ता श्री गणेशलाल जी मेहता एवं श्री सुभाष जी सामोता की गरिमामय उपस्थिति रही। क्षमायाचना पर्व के अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं ने गुरुदेव तथा संपूर्ण श्रावक समाज से हाथ जोड़कर बारंबार खमत खमणा करते हुए क्षमा याचना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पवन कच्छारा ने तीर्थंकर स्तुति के साथ मंगलाचरण से किया। उपासक प्रवक्ता श्री गणेशलाल जी मेहता एवं श्री सुभाष जी सामोता ने क्षमायाचना पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षमा आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ माध्यम है। मन, वचन और काया से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगना तथा दूसरों को क्षमा करना आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया, तेयुप अध्यक्ष विपुल पितलिया, प्रकाश गेलड़ा, गणपतलाल डांगी, दलीचंद कच्छारा, महिला मंडल मंत्री संगीता चंडालिया, अणुव्रत समिति अध्यक्ष रेणु छाजेड़, ज्ञानशाला संयोजिका आशा डूंगरवाल सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। सभी ने सर्वप्रथम गुरुदेव से तथा इसके बाद संपूर्ण श्रावक समाज से हाथ जोड़कर बारंबार खमत खमणा करते हुए क्षमा याचना की।
तेरापंथ सभा के निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मेहता ने सम्मान पत्र का वाचन किया। सामूहिक पारणा के प्रायोजक श्रीमान पारसमल जी, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती कंचन बाई, सुपुत्र एवं पुत्रवधू श्री अशोक कुमार जी, श्रीमती संगीता देवी, श्री राजेश कुमार जी, श्रीमती ज्योति देवी, पौत्र एवं पौत्रवधू श्री गौरव कुमार जी, श्रीमती मनीषा जी, शुभम कुमार जी, पौत्रियां दिव्या एवं वैशाली तथा पड़पौत्र दिव्यम श्री श्रीमाल (दिवेर वाले), आमेट परिवार का आर्थिक सहयोग रहा। तेरापंथ सभा पदाधिकारियों ने श्री श्रीमाल परिवार को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में तपस्वी जीवन ज्योति बाफना द्वारा की गई आठ की तपस्या का हर्षध्वनि के साथ तप अनुमोदन किया गया। संवत्सरी पर्व के अवसर पर अष्टप्रहरी, छः प्रहरी एवं चतुःप्रहरी पौषध सहित कुल 88 पौषध हुए।
ज्ञानशाला के बच्चों ने भी पर्युषण महापर्व के आठों दिनों में विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। बच्चों ने मोबाइल का त्याग, खाद्य संयम दिवस पर एक द्रव्य की सीमा, पौषध, जप एवं तप आदि संकल्पों के माध्यम से आध्यात्मिक साधना की। उनकी सहभागिता और अनुशासन के लिए उन्हें संवत्सरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री ज्ञानेश्वर मेहता ने किया। कार्यक्रम में तेरापंथ सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल, अणुव्रत समिति, ज्ञानशाला सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं श्रावक-श्राविकाओं की अच्छी उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम में क्षमा, मैत्री, आत्मशुद्धि एवं आध्यात्मिक जागरण का भाव दिखाई दिया। कार्यक्रम की जानकारी तेरापंथ सभा प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने दी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
