आमेट के तेरापंथ सभा भवन में मासिक प्रेक्षा ध्यान गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के जाप और सामूहिक स्वर में प्रेक्षा गीत "आत्म साक्षात्कार प्रेक्षा ध्यान के द्वारा" के संगान के साथ हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्राविकाओं ने भाग लेकर ध्यान की गहराइयों को समझा।

प्रेक्षा ध्यान: आत्मजागरण की वैज्ञानिक प्रक्रिया

प्रेक्षा वाहिनी संवाहक रेणु छाजेड़ ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बताया कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक हो सकता है जब वह अपने भीतर की शांति को पहचान ले। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "प्रेक्षा ध्यान आत्मजागरण की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो मन, वचन और कर्म को संतुलित करती है।" वर्तमान समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युग में तनाव, क्रोध और असंतुलन से मुक्ति का एकमात्र उपाय ध्यान और स्व-नियंत्रण है।

आचार्य श्री की देन और ध्यान का महत्व

रेणु छाजेड़ ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि "प्रेक्षा ध्यान केवल आंख बंद करने की क्रिया नहीं है बल्कि आत्म के भीतर झांकने की साधना है।" उन्होंने भगवान महावीर के आदर्शों का स्मरण कराते हुए बताया कि उनकी एकमात्र साधना यही थी कि मुझे आत्मसाक्षात्कार करना है। आचार्य श्री तुलसी व आचार्य श्री महाप्रज्ञ की देन है प्रेक्षा ध्यान; अगर व्यक्ति 10 मिनट भी ध्यान का एकाग्रता से प्रयोग करें तो वह अपनी भीतरी शक्ति को पहचान सकता है। ### चित्त समाधि शिविर और प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर रेणु छाजेड़ ने उपस्थित जनों को ध्यान का अभ्यास करवाया एवं विभिन्न मंत्रों का उच्चारण करवाया। साथ ही उन्होंने लाडनूं में आयोजित हो रहे आगामी चित्त समाधि शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस गोष्ठी में तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष मंजू हिरण, मंत्री संगीता चंडालिया, निवर्तमान अध्यक्ष संगीता पामेचा, कमला देवी भरसारिया, उमा देवी हिरण, हेमलता भंडारी, संतोष देवी डूंगरवाल, मनीषा छाजेड़, सुमित्रा चोरडिया, रोशन देवी छाजेड़, अनीता छाजेड़, सुरेखा ओस्तवाल आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन और आभार प्रदर्शन प्रेक्षा वाहिनी संवाहक रेणु छाजेड़ द्वारा किया गया। यह जानकारी जेटीएन प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने प्रदान की।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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