आमेट में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा गणगौर उत्सव का भव्य आयोजन
तेरापंथ सभा भवन में 70 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में घूमर नृत्य और लघु नाटिका के जरिए राजस्थानी संस्कृति का संदेश दिया।

राजसमंद के आमेट स्थित तेरापंथ सभा भवन में आयोजित गणगौर उत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में घूमर नृत्य प्रस्तुत करतीं महिला मंडल की सदस्य।
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार स्थानीय महिला मंडल द्वारा आमेट के तेरापंथ सभा भवन में गणगौर उत्सव का भव्य आयोजन पारंपरिक वेशभूषा के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत नमस्कार महामंत्र के उच्चारण के साथ हुई, जिसके पश्चात महिला मंडल अध्यक्ष मंजू हिरण द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
घूमर नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम
उत्सव के दौरान राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली, जहाँ कोमल भंडारी, हेमा भंडारी, अनीता श्री श्रीमाल, चंदा खमेसरा, रंजना गेलडा, नीलम कोठारी और पूजा भंडारी ने राजस्थान के लोकप्रिय घूमर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए कमला देवी डूंगरवाल एवं तारा बंम्ब ने एक लघु नाटिका के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संदेश प्रस्तुत किया।
गणगौर उत्सव का महत्व और नारी शक्ति का संदेश
कार्यक्रम में रेणु छाजेड़ ने गणगौर उत्सव के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "गणगौर हमें यह संदेश देता है कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं बल्कि समाज की प्रेरणा भी है यह पर्व प्रेम, त्याग, समर्पण, और आस्था का महत्व सिखाता है।" राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति में गणगौर का विशेष स्थान सर्वोपरि है।
सफल संचालन एवं सक्रिय भागीदारी
पूरे कार्यक्रम में महिला मंडल की 70 सदस्यों ने उत्साह, उमंग और मनोरंजन के साथ अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल और यादगार बना। उत्सव के दौरान केसरिया मीठे चावल से सभी उपस्थित जनों का मुंह मीठा कराया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन और अंत में आभार ज्ञापन महिला मंडल मंत्री संगीता चंडालिया द्वारा किया गया। इस भव्य आयोजन की विस्तृत जानकारी जेटीएन प्रतिनिधि पवन कच्छारा द्वारा दी गई।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
