आमेट। आध्यात्मिक गुरु और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती रविवार को आमेट स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में मनाई गई। इस विशेष अवसर पर न केवल स्वामी विवेकानंद के कालजयी विचारों का स्मरण किया गया, बल्कि विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से स्वदेशी वस्तुओं को जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प भी लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत ने की, जबकि उप प्राचार्य बाबुलाल सालवी और प्राध्यापक जगदीश चन्द्र शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।

समारोह का आगाज़ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम प्रभारी मुकेश वैष्णव ने विवेकानंद के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विदेशी वस्तुओं के मोह का त्याग कर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया, ताकि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सके। इसी क्रम में प्राध्यापक जगदीश चन्द्र शर्मा ने शिकागो धर्म संसद में विवेकानंद के ऐतिहासिक उद्बोधन का स्मरण कराते हुए उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए, जिन्होंने उपस्थित युवाओं में जोश भर दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने एक सदी पूर्व थे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विवेकानंद की शिक्षाओं को मात्र पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारें। कार्यक्रम का कुशल संचालन उप प्राचार्य बाबुलाल सालवी द्वारा किया गया, जिन्होंने स्वामी जी के 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' के ध्येय वाक्य के साथ युवाओं को ऊर्जावान बनाया।

इस भव्य आयोजन में प्राध्यापक रेखा जीनगर, नीलम शर्मा, भगवती लाल धाभई, लक्ष्मण लाल गुर्जर, भैरुलाल जीनगर, रुपसिंह फागणा, मीरा सैनी, कल्पना शर्मा, नलिना चोरड़िया, पूजा शर्मा, चंचल दमामी, सर्वेश्वर सालवी और बालकृष्ण आमेटा सहित समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम प्रभारी मुकेश वैष्णव ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल एक महापुरुष को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि इसने युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी के प्रति एक नई चेतना का संचार किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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