आमेट। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का बिगुल बजने और लॉटरी खुलने के साथ ही आमेट व सरदारगढ़ तहसील क्षेत्र के गांवों में सरपंच पद की दावेदारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। लॉटरी खुलते ही कई संभावित दावेदार सक्रिय हो गए हैं और गांवों में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

गांवों में इन दिनों चुनावी माहौल का नजारा भी दिलचस्प दिखाई दे रहा है। बाजार या किसी गली-मोहल्ले से गुजरते समय दो-चार लोगों के नमस्कार कर देने को भी कुछ संभावित दावेदार समर्थन का संकेत मान रहे हैं। ऐसे में कई दावेदार सरपंच बनने के सपने देखने लगे हैं।

सोशल मीडिया के दौर में दावेदारी का अंदाज भी बदल गया है। संभावित प्रत्याशी फोटो और पोस्टर तैयार करवाकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। समर्थकों के साथ तस्वीरें और चुनावी चर्चाएं भी सोशल मीडिया पर तेजी से दिखाई देने लगी हैं।

हालांकि चुनाव से पहले दावेदारों की संख्या चाहे जितनी बढ़ जाए, अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट से ही होगा। आमेट तहसील क्षेत्र में पहले भी ऐसे अनेक मौके सामने आए हैं, जब बड़े उत्साह के साथ चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को मतगणना के बाद महज 50/100 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा।

बहरहाल, नमस्कार से लेकर सोशल मीडिया पोस्टर और दावेदारी तक का दौर शुरू हो चुका है। कौन सरपंच बनेगा और कौन चुनावी मैदान से बाहर रह जाएगा, इसकी वास्तविक तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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