आमेट: सरदारगढ़ में हजरत वली बाबा का दूसरा उर्स 6 नवंबर से होगा शुरू
ताबा की पाल स्थित दरगाह पर दो दिवसीय उर्स के दौरान चादर शरीफ का जुलूस, मिलाद शरीफ और कव्वाली का आयोजन किया जाएगा।

आमेट। सरदारगढ़ तहसील मुख्यालय पर गुलमाने सैलानी हजरत वली बाबा साहब का दो दिवसीय दूसरा उर्स मुबारक 6 नवंबर 2026, शुक्रवार से शुरू होगा। तालाब की पाल स्थित नाले वाले पीर साहब की दरगाह पर आयोजित होने वाले इस उर्स का आयोजन गुलमाने सैलानी कमेटी के तत्वावधान में किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उर्स के पहले दिन शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे अंजुमन मदरसे से गाजे-बाजे के साथ चादर शरीफ का जुलूस रवाना होगा। जुलूस कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए दरगाह शरीफ पहुंचेगा, जहां अकीदतमंदों की ओर से चादर पेश की जाएगी।
शुक्रवार शाम नमाज-ए-ईशा के बाद मिलाद शरीफ का आयोजन होगा। इसके पश्चात शानदार महफिल-ए-मिलाद (कव्वाली) का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें कपासन के देश के मशहूर कव्वाल शब्बीर सदाकत शाबरी अपने सूफियाना कलाम पेश करेंगे।
उर्स के अवसर पर जायरीन के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है। गुलमाने सैलानी कमेटी के तत्वावधान में आयोजित यह दो दिवसीय उर्स 6 नवंबर से धार्मिक एवं सूफियाना कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
