आमेट। ग्राम पंचायत सरदारगढ़ की ओर से कस्बे के 15 वार्डों में सफाई व्यवस्था पर हर माह करीब 60 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कई इलाकों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नियमित सफाई और प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट सड़कों के किनारे तथा खाली भूखंडों में जमा हो रहे हैं।

पुराने बस स्टैंड से गंगापुर मार्ग के बीच स्थित बालाजी चौराहा क्षेत्र में स्थिति अधिक खराब है। यहां करोड़ों रुपए कीमत के खाली भूखंड में आसपास के लोग लगातार कचरा डाल रहे हैं। इससे पूरा भूखंड धीरे-धीरे अनौपचारिक डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गया है। मौके पर प्लास्टिक की थैलियां, खाद्य सामग्री के रैपर, घरेलू कचरा सहित अन्य अपशिष्ट बिखरा हुआ है।

कचरे के ढेर के कारण यहां गोवंश और सूअरों का जमावड़ा भी बना रहता है। मवेशियों के कचरा फैलाने से आसपास का क्षेत्र और गंदा हो रहा है। बारिश के दौरान प्लास्टिक और कचरे के कारण पानी के बहाव और निकासी में भी परेशानी बढ़ने की आशंका है।

सड़क किनारे बनी नालियों में भी प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है। कई जगह नालियों के मुहाने तक कचरे से ढके हुए हैं। इससे बारिश के पानी की निकासी प्रभावित होने के साथ जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत की ओर से सफाई व्यवस्था के लिए करीब 28 सफाईकर्मी लगाए गए हैं। इसके बावजूद प्रमुख स्थानों पर नियमित सफाई दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मियों की संख्या के साथ वार्डवार निगरानी और नियमित निरीक्षण भी जरूरी है।

ग्रामीणों ने बालाजी चौराहे सहित कस्बे के अन्य स्थानों की सफाई कराने और नालियों की नियमित सफाई करवाने की मांग की है। साथ ही वार्डवार कचरा संग्रहण और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है। सफाई व्यवस्था पर हर माह करीब 60 हजार रुपए खर्च होने के बावजूद प्रमुख स्थानों पर कचरे का जमा रहना व्यवस्था और निगरानी के स्तर पर सवाल खड़े करता है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

Next Story