आमेट सड़क हादसा: प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद धरना समाप्त
देवगढ़ रोड हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद 24 घंटे से चल रहा धरना प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

आमेट अस्पताल के बाहर सोमवार को वार्ता के दौरान उपस्थित विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, एएसपी महेंद्र पारीक, प्रशासनिक अधिकारी और मृतक के परिजन।
आमेट। देवगढ़ रोड पर रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद उपजे तनावपूर्ण हालात सोमवार को प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मृतक के परिजनों के बीच हुई सफल वार्ता के बाद शांत हो गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत और दो के गंभीर घायल होने के बाद से ही आक्रोशित परिजन मुआवजा राशि की मांग को लेकर करीब 24 घंटे से आमेट अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे थे। सोमवार दोपहर हुई उच्च स्तरीय वार्ता में सहमति बनने के बाद परिजनों ने शव लेने पर अपनी रजामंदी दी।
सोमवार सुबह नगरपालिका कार्यालय में आयोजित समझौता वार्ता में विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, एएसपी महेन्द्र पारीक, एसडीएम गोविंद सिंह रत्नू, डीवाईएसपी श्यामसिंह रत्नू, पूर्व पार्षद व भाजपा अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा, नगर भाजपा अध्यक्ष राधेश्याम खटीक, जिला भाजपा उपाध्यक्ष सुनील गांधी, जिला महामंत्री रमन कंसारा, दौलतसिंह चूंडावत, विक्रमसिंह चुण्डावत, भाजपा महामंत्री जगदीश सिंह चौहान उपस्थित रहे। पीड़ित पक्ष की ओर से मृतक के काका श्यामलाल जोशी, प्रहलाद जोशी, मौसा सुरेश चन्द्र शर्मा सहित सात परिजन वार्ता में शामिल हुए। वार्ता के दौरान विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा से फोन पर चर्चा कर प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सहायता कोष से सरकारी सहायता दिलाने तथा मृतक मुकेश की पत्नी को आंगनवाड़ी में संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि रविवार को आमेट नगरपालिका कॉलोनी निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्य बाइक पर ढेलाणा भैरुनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी देवगढ़ की ओर से आए एक ट्रेलर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद परिजनों ने जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुंभलगढ़ डिप्टी सहित जिले के लगभग सभी डीवाईएसपी, सीआई और पांच थानों की पुलिस बल तैनात रहा। सोमवार सुबह धरने के दौरान कुंभलगढ़ कांग्रेस नेता योगेंद्र सिंह परमार भी समर्थन देने पहुंचे थे। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों अरुण कुमार मिश्रा, सुनील गांधी, राधेश्याम खटीक तथा विक्रमसिंह चुण्डावत की भूमिका ने समाधान निकालने में निर्णायक कार्य किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
