आमेट की धर्मपरायण धरा पर भक्ति का ज्वार उमड़ने को तैयार है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर आराध्य प्रभु जयसिंह श्याम की जगन्नाथ रथयात्रा पूरी भव्यता के साथ निकाली जाएगी। इस महाआयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने के लिए सोमवार रात्रि को भेरू बावड़ी अखाड़ा परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक में रथयात्रा के निर्बाध और भव्य संचालन हेतु व्यापक रूपरेखा तैयार की गई। चर्चा के मुख्य केंद्र बिंदुओं में रथयात्रा के लिए आवश्यक निधि संग्रहण, रथ की साज-सज्जा और व्यवस्था, जन-जन तक निमंत्रण पहुँचाने की प्रक्रिया, बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार तथा इंद्र यज्ञ के सफल आयोजन हेतु जिम्मेदारियों का बंटवारा शामिल रहा। कार्यक्रम की गरिमा को बनाए रखने के लिए उपस्थित सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए और आयोजन को पूर्व की भांति ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

इस विचार-विमर्श में गंभीर सिंह राठौड़, धर्मेश छीपा, नंद लाल पालीवाल, किशन पालीवाल, शांति लाल पालीवाल, जितेंद्र कुमार जांगिड़, गणपत लाल चौधरी, नारायण सिंह, उदय लाल जीनगर, नरेंद्र छीपा, अंकुर महात्मा और गौरीशंकर पारीक सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करने का आश्वासन दिया।

आमेट के जन-मानस की श्रद्धा के केंद्र प्रभु जयसिंह श्याम की यह रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न अंग है। तैयारियों की यह शुरुआत इस बात का संकेत है कि आगामी आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को आमेट की सड़कें पुनः भक्तिमय भजनों और प्रभु के जयकारों से गुंजायमान होने को तैयार हैं।

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