आमेट: पीएम श्री विद्यालय में गुजरात के शिक्षकों का शैक्षणिक भ्रमण और भव्य स्वागत
गुजरात के 27 शिक्षकों के दल ने आमेट स्कूल के नवाचारों और विवेकानंद वाटिका का अवलोकन किया; पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाज से हुआ अतिथियों का अभिनंदन।

पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आमेट के प्रांगण में आज उस समय उल्लास और आत्मीयता का अनूठा संगम देखने को मिला, जब गुजरात से आए 27 शिक्षकों के एक दल ने शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक नवाचारों के अवलोकन हेतु विद्यालय का भ्रमण किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चतरलाल डांगी एवं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में विरेंद्र सिंह चुंडावत ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र प्रजापत द्वारा की गई, जबकि मंच पर उपप्राचार्य बाबूलाल सालवी एवं एस डीएमसी सचिव जगदीश चंद्र शर्मा विशिष्ट रूप में उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र प्रजापत ने आगंतुक दल का परिचय देते हुए बताया कि गुजरात के विभिन्न पीएम श्री विद्यालयों में कार्यरत ये शिक्षक यहाँ की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और नवाचारों को समझने के उद्देश्य से आए हैं। भ्रमण के दौरान गुजरात से आए शिक्षकों ने विद्यालय की सुसज्जित व्यवस्थाओं और गतिविधियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। विशेष रूप से विद्यालय परिसर में विकसित ‘विवेकानंद लघु वाटिका’ और दीवारों पर जीवंत किए गए महापुरुषों के प्रेरणादायक चित्रों ने अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अतिथियों का स्वागत राजस्थानी संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप साफा पहनाकर, तिलक लगाकर और उपरणा ओढ़ाकर किया गया। इस अवसर पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए गुजरात से आईं श्वेतल बेन ने विद्यालय के वातावरण को अत्यंत प्रेरणादायक बताया और यहाँ से सीखी गई गतिविधियों को अपने विद्यालयों में लागू करने का संकल्प दोहराया। अतिथि मुकेश भाई ने भी विद्यालय की सराहना करते हुए यहाँ के क्रियाकलापों को अनुकरणीय बताया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सृजनात्मकता भी निखर कर सामने आई, जहाँ उन्होंने नारी सशक्तिकरण, सुरक्षित जल, प्रदूषण नियंत्रण और “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड्स अतिथियों को भेंट किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपप्राचार्य बाबूलाल सालवी ने शब्द-सुमनों से स्वागत उद्बोधन दिया, वहीं एसडीएमसी सचिव जगदीश चंद्र शर्मा ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था, एसडीएमसी और एमसी की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डाला।
श्रीमती राखी आर्य द्वारा कार्यक्रम का कुशल संचालन किया गया, जिन्होंने अपनी प्रभावी एकभिनय प्रस्तुति के माध्यम से समाज में बढ़ती धनलिप्सा और मानवीय मूल्यों के क्षरण पर गहरा प्रहार करते हुए एक सार्थक संदेश दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की कड़ी में बालिका केसर बुनकर के राजस्थानी लोकनृत्य ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर मीरा सैनी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य रेखा ज़ीनगर, नीलम शर्मा, रामावतार सैनी, रौनक मेवाडा, कुलदीप सिंह सोलंकी, भैरूलाल जीनगर, लक्ष्मण लाल गुर्जर प्राध्यापक सहित एसडीएमसी एवं एसएमसी के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल दो राज्यों के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि अंतर-राज्यीय सद्भावना का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
