आमेट में आरजीएचएस सुविधाओं के लिए पेंशनर्स ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान पेंशनर समाज ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अनुमोदित अस्पतालों और दवा दुकानों से नियमित निशुल्क चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग की।

आमेट उपखण्ड कार्यालय में सोमवार को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत नियमित निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पेंशनर समाज के पदाधिकारी और सदस्य।
राजस्थान पेंशनर समाज उप शाखा आमेट के तत्वावधान में सोमवार को पेंशनर भवन आमेट में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के तहत अनुमोदित चिकित्सालयों और फार्मा स्टोर्स द्वारा पेंशनर्स को दी जाने वाली निशुल्क चिकित्सा सुविधाओं तथा दवाइयों के वितरण में आ रही दिक्कतों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सभी पेंशनभोगियों को बिना किसी व्यवधान के नियमित रूप से यह आवश्यक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के पेंशनर्स लामबंद नजर आए।
चिकित्सा और दवाइयों की इस निशुल्क सुविधा को निरंतर और सुचारू रूप से जारी रखने की पुरजोर मांग करते हुए पेंशनर समाज द्वारा मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) आमेट को सौंपा गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए पेंशनर्स ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई है ताकि भविष्य में उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।
इस महत्वपूर्ण और गरिमामय अवसर पर संगठन की एकजुटता दिखाई दी, जहां अध्यक्ष मदनलाल पुरोहित, नरेन्द्र सिंह चुण्डावत, डॉ. रामानन्द दाधीच, गोवर्धन दास वैष्णव, ब्रह्मदत्त आचार्य, चन्द्र शेखर शर्मा, अशोक कुमार आचार्य, ओम प्रकाश व्यास, राजेन्द्र कुमार शर्मा, भंवर सिंह, भंवरलाल जीनगर, प्रेमसिंह चुण्डावत, इन्द्वदत भटॢ, गंभीर सिंह राठौड़, गोवर्धन लाल पारीक, शांति लाल सैठ, बंशीलाल पालीवाल, बाबूदास वैष्णव और उदयलाल जीनगर सहित भारी संख्या में वरिष्ठ पेंशनर्स उपस्थित रहे। इस सामूहिक प्रयास ने क्षेत्र के बुजुर्गों के हक की लड़ाई को एक मजबूत और निर्णायक दिशा प्रदान की है।

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