वैधता अधिनियम 2025 का विरोध: आमेट में पेंशनरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
आमेट में राजस्थान पेंशनर समाज ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नए कानून को भेदभावपूर्ण बताया और पेंशन निर्धारण में विसंगतियां दूर करने की मांग की।

आमेट में राजस्थान पेंशनर समाज के सदस्यों ने वैधता अधिनियम 2025 के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और 25 मार्च 2026 को देशभर में विरोध दिवस मनाया।
आमेट (राज.): राजस्थान पेंशनर समाज के बैनर तले पेंशनरों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए वैधता अधिनियम 2025 के विरोध में आज अपनी आवाज बुलंद की है। इस अधिनियम को पेंशनभोगी समाज के हितों पर कुठाराघात बताते हुए संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उक्त अधिनियम को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की है।
पेंशन निर्धारण में बढ़ेगी असमानता और आर्थिक नुकसान
ज्ञापन में विस्तार से बताया गया कि "यह अधिनियम पेंशनरों के हितों के खिलाफ है और इससे पेंशन के निर्धारण में असमानता बढ़ेगी।" पेंशनरों का स्पष्ट कहना है कि इस कानून के प्रभावी होने से केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ भी प्रभावित होगा, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन एक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है जिसे कमजोर करना कतई न्यायसंगत नहीं है।
देशभर में मनाया गया विरोध दिवस
अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आह्वान पर 25 मार्च 2026 को देशभर में विरोध दिवस भी मनाया गया। पेंशनर समाज ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी पेंशनरों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और इस विवादित अधिनियम को तुरंत निरस्त किया जाए।
विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख पेंशनभोगी
इस अवसर पर स्थानीय पेंशनर समाज के प्रतिनिधि जसराज खटीक, मदनलाल पुरोहित, गोवर्धन दास वैष्णव, गोवर्धन लाल पारीक, नानालाल खटीक, गोपी लाल रेगर, मोहनलाल माली, राधेश्याम आछेरा, ब्रह्मदत्त आचार्य, भंवरलाल पालीवाल, शांतिलाल सेठ, पुरुषोत्तमदास शर्मा, रतनलाल खटीक, बाबूदास वैष्णव, श्यामलाल गर्ग, मोहनलाल बुनकर, शंभू सिंह बड़वा, अब्दुल वहीद रहमानी एवं जगदीश सिंह चुंडावत आदि पेंशनधारी उपस्थित थे।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
