आमेट। शिक्षा और पोषण के संगम की एक सुखद तस्वीर निकटवर्ती ग्राम पंचायत माद के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कमेरी में देखने को मिली। पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) देवीलाल खटीक ने जब विद्यालय का औचक निरीक्षण और शाला संबलन किया, तो वहां का अनुशासित वातावरण और मिड डे मील की गुणवत्ता देख वे गदगद हो उठे। इस दौरान विद्यालय परिसर में न केवल सरकारी व्यवस्थाओं की पड़ताल हुई, बल्कि शिक्षक और भामाशाहों के सेवा भाव की भी सराहना की गई, जिससे यह निरीक्षण एक औपचारिक प्रक्रिया से बढ़कर सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन गया।

निरीक्षण के दौरान पीईईओ देवीलाल खटीक ने मिड डे मील योजना के तहत बनाए गए भोजन की सघन जांच की। विशेष अवसर के रूप में विद्यालय के शिक्षक विजयपाल धायल के आर्थिक सहयोग से विद्यार्थियों के लिए खीर-पूड़ी का विशेष भोजन तैयार करवाया गया था। पीईईओ और अन्य अतिथियों ने स्वयं भोजन का स्वाद चखा और खाने की शुद्धता व स्वाद पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में हीरालाल देवपुरा महाविद्यालय आमेट के प्राचार्य रामकेश मीणा, महाराणा प्रताप राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रायपुर की व्याख्याता राजू कुमारी मीणा, एसएमसी अध्यक्ष रतननाथ और पूर्व अध्यक्ष गोपाल लाल सालवी उपस्थित रहे। अतिथियों ने बालकों से रूबरू होकर मिड डे मील योजना के लाभ और मिल रहे भोजन की नियमितता के बारे में विस्तार से संवाद किया।

अधिकारियों ने रसोई घर में कार्यरत कुक कम हेल्पर लीला देवी वैरागी, उमा देवी वैष्णव और भंवर कंवर को प्रोत्साहित करते हुए निर्देश दिए कि वे सदैव विद्यार्थियों के लिए अपने घर जैसा ममतामयी और पौष्टिक भोजन तैयार करें। शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि समय-समय पर स्टाफ और भामाशाहों के सहयोग से दी जाने वाली 'स्पेशल डाइट' बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में मील का पत्थर साबित होती है। मिड डे मील के साथ-साथ पीईईओ ने विद्यालय में निर्माणाधीन कमरे का भी सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त हो रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और दीवारों की तराई नियमित रूप से करने के कड़े निर्देश दिए ताकि सरकारी संपत्ति का निर्माण दीर्घकालिक और सुरक्षित हो सके।

इस गरिमामयी अवसर पर संस्था प्रधान देवीनारायण मीणा, शारीरिक शिक्षक भंवर लाल खटीक, विमला सुमन, सुरेन्द्र, मुकेश यादव, कमलेश मीणा, राम नरेश मीणा और योगेश कुमार नूनिया सहित समस्त शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय की इस अनुकरणीय पहल और भोजन की उच्च गुणवत्ता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक मुस्तैदी को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि यदि समाज और शिक्षक साथ मिल जाएं, तो सरकारी विद्यालयों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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