आमेट नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर जताया विरोध
दो माह से वेतन और एरियर न मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दो दिन में समाधान न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

आमेट नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अधिशासी अधिकारी को अपनी लंबित मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए।
आमेट नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए आवश्यक मूलभूत अधिकारों के हनन के विरोध में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बीते दो माह से वेतन न मिलने और अन्य लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित कर्मचारियों ने पालिका प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर उतरने को मजबूर होंगे।
नगर पालिका आमेट में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि मई और जून 2026 के वेतन का भुगतान न होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। वेतन के अभाव में उनके द्वारा लिए गए बैंक ऋणों की किस्तें जमा नहीं हो पा रही हैं, बच्चों की स्कूल फीस बकाया हो गई है और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी दूभर हो गया है। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वेतन के साथ-साथ एरियर, सरेंडर और वर्षों से लंबित वर्दी उपलब्ध कराने की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
सफाई कर्मचारियों द्वारा दी गई चेतावनी में कहा गया है कि यदि प्रशासन ने अगले दो दिनों के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पालिका क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूर्णतः ठप कर दी जाएगी। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ज्ञापन की एक प्रति उपखंड अधिकारी आमेट को भी प्रेषित कर दी गई है। अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपते समय गोपाल लाल, रामेश्वर लाल, सुनील कुमार, मीरा कुमारी, लक्ष्मी देवी, ललिता कुमारी, पुष्पा देवी, सुरेश कुमार, राजमल, चेतना कुमारी, किशन लाल, पुष्पा देवी, रमेश कुमार, राधा देवी, दौलत, नरेंद्र सिंह और शाहिद सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह घटना नगर पालिका के प्रशासनिक प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करती है। सफाई जैसे आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मियों की आर्थिक उपेक्षा न केवल उनके परिवारों के लिए कष्टकारी है, बल्कि यदि कार्य बहिष्कार होता है, तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी चरमरा सकती है। आमजन अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं कि क्या दो दिनों के भीतर सफाई कर्मचारियों को उनका हक मिल पाएगा, या फिर शहर को एक बड़े स्वच्छता संकट का सामना करना पड़ेगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
