आमेट में महावीर जन्म कल्याणक जयंती के पावन अवसर पर जैन युवा ग्रुप के तत्वाधान में सकल जैन समाज के सहयोग से भव्य आयोजन हुआ। वरगोडा का शुभारंभ स्टेशन जैन मंदिर से हुआ, जिसमें घोड़े, बैंड बाजा, विभिन्न प्रकार की मनमोहक झांकियां और विजय ध्वज शामिल थे। यह जुलूस बस स्टेशन, लक्ष्मी बाजार, सब्जी मार्केट, होली थान, जयसिंह श्याम मंदिर, बड़ी पोल, बैंक रोड और जवाहर नगर से होते हुए तेरापंथ भवन में जाकर संपन्न हुआ।

धार्मिक अनुष्ठान और सिद्धांतों का विवेचन

तेरापंथ सभा भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का आगाज जैन युवतियों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुति से किया गया। इस दौरान नरेंद्र बडोला ने संबोधित करते हुए कहा कि "भगवान महावीर की साधना का रहस्य महावीर के सिद्धांतों को मानने वाले 15 प्रकार के कर्मों दान को चिंता कारक त्याग रखना चाहिए।" उन्होंने आगे बताया कि भगवान महावीर ने 2625 वर्ष पूर्व ही अहिंसा एवं संयम की जीवन शैली से इसका स्थाई समाधान बताया है, किंतु विकृत होती जीवन शैली ने समस्या को बढ़ाया है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भगवान महावीर के अवदानों से भी अवगत कराया।

समाज के विभिन्न संघों की सहभागिता

इस अवसर पर तेरापंथ सभा से महेंद्र बोहरा, मूर्तिपूजक संघ से प्रताप सिंह मेहता, जैन युवा ग्रुप से सुनील गांधी, स्थानकवासी संघ व दिगंबर संघ से नरेंद्र बडोला, कौशल मेहता, दलीचंद कच्छारा, पवन कच्छारा और मधु श्रीश्रीमाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कन्या मंडल एवं महिला मंडल द्वारा सुमधुर गीतिका व संभाषण प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत ज्ञानेश्वर मेहता ने नवकार मंत्र का सामूहिक जाप कराया।

आयोजन समिति और आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम को सफल बनाने में जैन युवा ग्रुप के महावीर हिरण, दीपक कोठारी, राजेश पीतीलिया, नरेंद्र बडोला, अशोक गेलडा, ललित डांगी, अशोक सुराणा, सुशिल सुर्या, मुकेश चपलोत, प्रवीण ओस्तवाल, संदीप हिंगड़, प्रकाश बोहरा, नितिन बाफना, सुदीप छाजेड़, पवन पामेचा, ललित छाजेड़, गौतम कोठारी, राजू डांगी, विनोद चंडालिया, मनीष ढिलीवाल, पिंटू हिरण, सुनील गांधी, जितेंद्र कोठारी, संजय बोहरा, विनोद चोरडिया एवं ज्ञान बांठिया सहित सकल जैन श्रावक समाज की उपस्थिति रही। समारोह में आसपास के चौखले से भी बड़ी संख्या में श्रावक पधारे। अंत में मुकेश चपलोत ने सभी का आभार ज्ञापन किया, जबकि पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन नरेंद्र बडौला द्वारा किया गया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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