आमेट। महावीर इंटरनेशनल संस्था आमेट के वीर सदस्यों ने मेला ग्राउंड में जल संरक्षण विषयक जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर जल के महत्व, संरक्षण की आवश्यकता और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प भी लिया।

संस्था अध्यक्ष वीर अभय कुमार गेलड़ा ने कहा कि जल जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद बचाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखा जा सकता है।

राजसमंद जॉन सचिव वीर ज्ञानेश्वर मेहता ने जल संरक्षण के प्रमुख उपायों की जानकारी दी। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पानी के अनावश्यक बहाव को रोकने और दैनिक जीवन में आवश्यकता के अनुसार जल का उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में वीर सतीश मेहता, जॉन कोषाध्यक्ष वीर ललित ढिलीवाल, वीर मनसुख लाल बंम्ब, वीर अशोक कुमार गांधी, वीर नरेंद्र बडोला, वीर मुकेश चपलोत, वीर राजू डांगी, वीर गौतम कोठारी, वीर मनीष ढिलिवाल और वीर पवन कच्छारा सहित संस्था के वीर सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और पानी का सदुपयोग करने का संकल्प लिया।

संस्था सचिव वीर सतीश सोनी ने उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जल का सदुपयोग और संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। अनावश्यक पानी की बर्बादी रोककर भविष्य के लिए जल बचाया जा सकता है।

कार्यक्रम की जानकारी संस्था मीडिया प्रभारी वीर पवन कच्छारा ने दी। कार्यशाला के माध्यम से जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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