आमेट। आस्था, परंपरा और सेवा के त्रिवेणी संगम मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आमेट क्षेत्र के आगरिया स्थित श्री नंदी गौधाम महातीर्थ में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। महावीर इंटरनेशनल संस्था के वीर सदस्यों ने सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति बनते हुए परम श्रद्धेय श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत सीताराम दास महाराज के पावन सानिध्य में गौवंश की अनुपम सेवा की। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गौमाता को लापसी का भोग लगाया गया, जिसे भारतीय संस्कृति में न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से पुण्यदायी माना गया है, बल्कि वैज्ञानिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इसे सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला बताया गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ संत सीताराम दास महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार और गौ-पूजन के साथ हुआ। महावीर इंटरनेशनल संस्था के सदस्यों ने इस अवसर पर सामूहिक रूप से गौमाता को लापसी खिलाई। उपस्थित वक्ताओं ने इस पुनीत कार्य को रेखांकित करते हुए कहा कि गौसेवा ही वास्तव में मानव सेवा का श्रेष्ठतम स्वरूप है। गौवंश को पौष्टिक आहार देना उनके स्वास्थ्य संवर्धन के साथ-साथ समाज में करुणा और जीव-दया के भाव को जागृत करता है। इस आयोजन ने मकर संक्रांति के पर्व को मात्र एक त्यौहार से ऊपर उठाकर जीव-कल्याण के एक बड़े संकल्प में परिवर्तित कर दिया।

इस गरिमामय सेवा प्रकल्प में राजसमंद जॉन सेक्रेटरी ज्ञानेश्वर मेहता, जॉन कोषाध्यक्ष ललित ढिलिवाल और संस्था मंत्री सतीश सोनी की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही भंवरलाल डांगी, पारसमल पामेचा, नरेंद्र बडोला, राजू डांगी, गौसेवा समिति जिला अध्यक्ष जेठुसिंह, पुष्कर पंडित, सुरेश कुमावत, धर्मेश छिपा, मनोहर सिंह पवार, पन्नालाल प्रजापत, रूप सिंह राव और विकास सेठ ने भी अपनी उपस्थिति से सेवा के इस यज्ञ को पूर्ण किया। महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए मैत्री वीरा मंत्री मनीषा डांगी और पुष्पा पामेचा ने भी श्रद्धापूर्वक अपनी सेवाएं अर्पित कीं।

कार्यक्रम के अंत में गौशाला प्रबंधक मंडल ने महावीर इंटरनेशनल संस्था और उनके समर्पित वीर सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्था द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बताया। संस्था के मीडिया प्रभारी पवन कच्छारा ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार के मानवीय और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने वाले कार्यों को गति देती रहेगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसने समाज को जीव-मात्र के प्रति दया और प्रेम का सशक्त संदेश भी दिया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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