आमेट। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के आदेशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद के निर्देशानुसार शनिवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति, आमेट के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। विधिक सुगमता और त्वरित न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य गंभीर और लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति के माध्यम से सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया, जिससे वर्षों से चल रहे विवादों का अंत हुआ।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत की पीठ में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय टांक तथा उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह सदस्य के रूप में उपस्थित रहे, जिनके समक्ष कुल 114 प्रकरण विचारार्थ नियत किए गए थे। गहन विमर्श और दोनों पक्षों की सहमति के उपरांत कुल 66 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इन निस्तारित मामलों में भरण-पोषण से संबंधित 1 प्रकरण, एन.आई. एक्ट के 3 प्रकरण, फौजदारी प्रकृति के 7 प्रकरण, दीवानी का 1 प्रकरण, राजस्व प्रकृति के 4 प्रकरण तथा धन वसूली से संबंधित 50 प्री-लिटिगेशन प्रकरण शामिल रहे। न्याय की इस प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 8 लाख 78 हजार 306 रुपये की विवादित राशि का समाधान किया गया।

विशेष रूप से एन.आई. एक्ट के 3 महत्वपूर्ण प्रकरणों में 3 लाख 59 हजार रुपये तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, आमेट के 4 लाख 2 हजार 923 रुपये के बकाया मामलों का निस्तारण कर विभाग और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया। इस विधिक अभियान में अधिवक्ता प्रहलादसिंह चुण्डावत, डालचन्द्र जाट, धर्मेश शर्मा, प्रमोद लक्ष्कार, प्रदीपसिंह राठौड़, मोहम्मद नूर, समुन्द्रसिंह चुण्डावत एवं किशनलाल बैरवा सहित एसबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आरएमजीबी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक लावा-सरदारगढ़, बीएसएनएल कार्यालय एवं अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में मौजूद पक्षकारों और न्यायिक कर्मचारियों की सहभागिता ने इस लोक अदालत को सफल बनाते हुए समाज में 'सुलह से समाधान' का एक सशक्त संदेश प्रसारित किया।

Pratahkal HQ

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