आमेट में हुआ पारंपरिक गवरी का आयोजन, ढोल-नगाड़ों पर थिरके कलाकार
कुंभलगढ़ मार्ग स्थित पद्मनाथ वाटिका में कलाकारों ने नृत्य और अभिनय से लोक संस्कृति के विभिन्न प्रसंग प्रस्तुत किए, बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

तस्वीर में पद्मनाथ वाटिका के मैदान में पारंपरिक पोशाक पहने कलाकार गवरी नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
आमेट। कुंभलगढ़ दुर्ग मार्ग स्थित पद्मनाथ वाटिका में पारंपरिक लोक नृत्य गवरी का आयोजन किया गया। आयोजन में आसपास के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज कराई और गवरी की पारंपरिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
गवरी के दौरान कलाकारों ने लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को नृत्य एवं अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। ढोल-नगाड़ों और लोक संगीत की धुनों से पद्मनाथ वाटिका का माहौल पारंपरिक रंग में रंग गया।
आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। गवरी की प्रस्तुतियों ने क्षेत्र की लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
