आमेट में कृषि विभाग की 'आत्मा' परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य ध्येय किसानों को टिकाऊ और लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करना था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से 'खेत बचाओ अभियान', प्राकृतिक खेती कार्यशाला और जैविक खेती के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आगाह करते हुए किसानों को जैविक खादों के उपयोग और फसल चक्र प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कृषि विभाग के सहायक निदेशक अर्जुन राम मुण्डेल, कृषि अधिकारी कमलेश सैनी व कन्नी राम खटीक, सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी कृष्णगोपाल टांक, सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र सिंह राजपूत और सहायक विकास अधिकारी घनश्याम सिंह राव सहित तमाम कृषि पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में आयोजित इस गोष्ठी में वर्मी कम्पोस्ट खाद, जीवामृत और अन्य जैविक उत्पादों के निर्माण की तकनीक समझाई गई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि जैविक खादों के नियमित प्रयोग से न केवल मिट्टी की संरचना में सुधार होता है, बल्कि सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़कर फसल की उत्पादकता भी बढ़ती है।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फसल चक्र प्रणाली की उपयोगिता पर आधारित रहा। विशेषज्ञों ने किसानों को समझाया कि एक ही खेत में फसलों का क्रमवार उत्पादन करने से मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, जिससे कीटों व रोगों का प्रकोप स्वतः कम हो जाता है और उत्पादन लागत में भी कमी आती है। दलहनी एवं तिलहनी फसलों को फसल चक्र का अनिवार्य हिस्सा बनाने का संदेश देते हुए अधिकारियों ने 'आज नहीं तो कल, जैविक ही है हल' का नारा दिया। गोष्ठी में भेराराम, रोशन, हीरा लाल, लक्ष्मण लाल और कैलाश सहित अनेक किसानों ने भाग लिया, जिन्होंने कृषि समस्याओं पर चर्चा कर जैविक खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन टिकाऊ कृषि के माध्यम से भूमि के स्वास्थ्य को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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