आमेट के जिलोला गांव में पैंथर का हमला, दो श्वानों की मौत
राजसमंद जिले के जिलोला गांव में पैंथर ने आबादी क्षेत्र में घुसकर दो श्वानों को शिकार बनाया, ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की।

जिलोला गांव में स्थित रामनाथ जोगी और सुरेशनाथ जोगी का घर, जहां पैंथर ने हमले की घटना को अंजाम दिया।
आमेट उपखंड के जिलोला गांव में शुक्रवार देर रात पैंथर की दस्तक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। आमेट-भीलवाड़ा मार्ग पर पावर हाउस के समीप स्थित आवासीय क्षेत्र में पैंथर के अचानक हमले से न केवल पशुपालकों में बल्कि स्थानीय निवासियों में भी गहरा भय व्याप्त है। बकरियों के शिकार की फिराक में पहुंचे इस खूंखार वन्यजीव ने दो श्वानों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में खौफ का मंजर है।
घटनाक्रम के अनुसार, आधी रात करीब 12:30 बजे पैंथर रामनाथ जोगी और सुरेशनाथ जोगी के घर के बाहर बंधे पशुओं को निशाना बनाने पहुंचा था। आहट भांपते ही वहां पहरा दे रहे दो श्वानों ने सतर्क होकर शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद हिंसक पैंथर ने पूरी ताकत के साथ उन पर हमला कर दिया। इस झड़प में एक श्वान ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर जब परिवार के सदस्य जाग गए और शोर मचाया, तो पैंथर वहां से जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि, पैंथर की दहशत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। देर रात करीब 3 बजे वह पुनः लौटा और घायल अवस्था में पड़े श्वान को घसीटते हुए करीब 100 फीट दूर ले गया, जहां अंततः उसकी भी मौत हो गई।
रामनाथ जोगी और सुरेशनाथ जोगी ने बताया कि उनके घर के आसपास विद्युत व्यवस्था न होने के कारण वहां पसरा घना अंधेरा अक्सर वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र की ओर आकर्षित करता है। बिजली के अभाव में पैंथर जैसी वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों तक पहुंचना अब बड़ी चिंता का विषय बन गया है। इस गंभीर घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए अविलंब पिंजरा लगाने और पैंथर को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अपने आवास तक तत्काल बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, वन विभाग की ओर से निगरानी बढ़ाने के आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों में व्याप्त खौफ बरकरार है और लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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