जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक आमेट संघ में पूज्य आचार्य भगवंत निपुणरत्न सूरीश्वर के शिष्य प्रवर राज रत्न विजय की मां की 100वीं ओली के अनुमोदनार्थ सामूहिक ओली आराधना का आयोजन किया गया। यह आयोजन आसोज सुदी सातम तक रखा गया, जिसमें आराधकों ने नौ दिनों तक निर्धारित नियमों के अनुसार तपस्या की।

आयोजन के दौरान प्रतिदिन 30 आराधकों ने नौ दिन तक बिना तेल, घी, दूध, दही और ड्राईफूड के केवल उबला हुआ भोजन एक आसन पर बैठकर ग्रहण किया। इसके साथ ही अनेक आराधकों ने अलग-अलग आयंबिल तप भी किए। इस दौरान कुल 310 आयंबिल हुए। संपूर्ण आयोजन सुख-सांता पूर्वक संपन्न हुआ।

आराधना पूर्ण करने वाले आराधकों को प्रभावना स्वरूप एक-एक ग्राम चांदी का सिक्का प्रदान किया गया। आयोजन की पूरी व्यवस्था हेमलता तलेसरा, आशा बादिया, कल्पना पारेख, प्रियांशी जैन, अनिल महात्मा, नरेश संचेती, विवेक जैन और जैन ग्रुप की महिला मंडल ने संभाली। सभी ने बारी-बारी से पुरस्कार की व्यवस्था की। अंत में पारणे के साथ सामूहिक ओली आराधना का आयोजन संपन्न हुआ।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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