आमेट। आस्था, श्रद्धा और अटूट विश्वास के संगम के साथ राजसमंद जिले का आईडाणा कस्बा एक ऐतिहासिक उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। परिहार वंश की आराध्य कुलदेवी श्री गाजण चामुंडा माता के दरबार में आगामी 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले 'प्रथम पाटोत्सव' की तैयारियां अब अपने परवान पर हैं। इसी कड़ी में बुधवार को माता के मंदिर प्रांगण में भक्तिमय माहौल और मंत्रोच्चार के बीच प्रथम पाटोत्सव की निमंत्रण पत्रिका का विधिवत विमोचन किया गया, जिसने इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के शंखनाद को औपचारिक रूप दे दिया है।

इस गरिमामय विमोचन कार्यक्रम का आयोजन सारेसा परिहार के प्रधान संरक्षक शम्भु सिंह, नाथु सिंह, राम सिंह, तेज सिंह और रतन सिंह सहित श्री गाजण (चामुंडा) माता सेवा समिति के पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शुभ मुहूर्त में आयोजित इस समारोह में प्रधान संरक्षक शम्भु सिंह, सेवा समिति के कोषाध्यक्ष जोरावर सिंह, मोहप्त सिंह, नाहर सिंह, खुमाण सिंह, करण सिंह, भवानी सिंह एवं जसवंत सिंह ने अपने कर-कमलों से निमंत्रण पत्रिका को श्रद्धालुओं और समाज के सम्मुख प्रस्तुत किया। पत्रिका विमोचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा, जो आगामी महोत्सव के प्रति समाज के उत्साह को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था।

सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह, कोषाध्यक्ष जोरावर सिंह और सचिव ललित सिंह के कुशल निर्देशन में आयोजित होने वाले इस पाटोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी राव दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि यह उत्सव पूरी तरह से पारंपरिक और आध्यात्मिक वैभव से परिपूर्ण होगा। कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ 29 जनवरी, गुरुवार को माघ शुक्ल द्वादशी के पावन अवसर पर होगा, जहां दोपहर 2 बजे विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस दिन की शाम रूडेड़ा गेर नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सुप्रसिद्ध भजन गायक जोग भारती के सुरों से सजेगी, जहां एक विशाल भजन संध्या में भक्त भक्ति रस में गोते लगाएंगे।

उत्सव के दूसरे दिन 30 जनवरी, शुक्रवार को माघ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वजारोहण किया जाएगा। तत्पश्चात, विधि-विधान से हवन और पूर्णाहुति का आयोजन होगा, जिसमें विश्व कल्याण की कामना की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठानों की समाप्ति के बाद विशाल महाप्रसाद का वितरण होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। यह प्रथम पाटोत्सव न केवल परिहार वंश की कुलदेवी के प्रति आस्था प्रकट करने का माध्यम है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक परंपराओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story