आमेट सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था: भूख हड़ताल पर बैठे युवकों का आक्रोश
राजसमंद के आमेट में अस्पताल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ भूख हड़ताल के तीसरे दिन भी सीएमएचओ के न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

Image Caption आमेट के राजकीय अस्पताल के बाहर चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पुष्पेंद्र जांगिड़ और पिंटू मेवाड़ा।
मंगलवार सुबह 7 बजे से पुष्पेंद्र जांगिड़ और पिंटू मेवाड़ा अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से युवकों में भारी आक्रोश है। हालांकि प्रशासन हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास में जुटा हुआ है, लेकिन मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में युवकों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
सीएमएचओ (CMHO) की उदासीनता और कार्यशैली पर सवाल
स्थानीय सरकारी अस्पताल की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) हेमंत मौके पर नहीं पहुंचे। हालात यह हैं कि सीएमएचओ पत्रकारों के फोन तक नहीं उठा रहे, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तीन दिन बीतने के बावजूद सीएमएचओ का मौके पर नहीं पहुंचना और संवाद से दूरी बनाए रखना स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को दर्शाता है।
पूर्व में सौंपा गया ज्ञापन और गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पूर्व 19 जनवरी को नगरवासियों द्वारा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। इस ज्ञापन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:
- अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग।
- अनियमितताओं पर रोक और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें।
- अस्पताल में फैली अव्यवस्था और सुविधाओं की कमी।
- चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप।
आंदोलन उग्र होने की चेतावनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

Pratahkal Bureau
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