आमेट नगर के चंद्रभागा नदी तट पर स्थित हाथी माता श्मशान घाट इन दिनों उपेक्षा का दंश झेल रहा है। अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान अव्यवस्थाओं से जूझ रहे स्थानीय ग्रामीणों ने अब इसके कायाकल्प के लिए मोर्चा खोल दिया है। श्मशान घाट की जीर्ण-शीर्ण स्थिति और मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली विकट परिस्थितियों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।

नगर के जागरूक नागरिकों ने इस संबंध में एक सामूहिक ज्ञापन शिविर प्रभारी एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका आमेट को सौंपा है। ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि श्मशान घाट पर लगी सुरक्षात्मक लोहे की चादरें पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिसके कारण वर्षा का जल सीधे चिता पर गिरता है। यह स्थिति न केवल धार्मिक रीति-रिवाजों में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि शोक संतप्त परिजनों के लिए अत्यंत पीड़ादायक होती है। इसके अतिरिक्त, श्मशान परिसर में फर्श कच्चा होने के कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है, जिससे शव यात्रा को श्मशान तक ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त टीनशेड को हटाकर वहां नई शीट लगवाने और परिसर में इंटरलॉकिंग ब्लॉक अथवा पक्का फर्श निर्माण की पुरजोर मांग की है। इस ज्ञापन पर नारायण सिंह भाटी, जमनालाल, भंवरलाल, रणसिंह, उमेद सिंह, शंभू दास, बंसीलाल सेन, प्रमोद शर्मा, शांतिलाल जीनगर एवं शंभु लाल सहित कई गणमान्य नागरिकों के हस्ताक्षर अंकित हैं। प्रशासन के समक्ष रखी गई यह मांग केवल सुविधा विस्तार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी एक बुनियादी आवश्यकता है। अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन कब तक इन समस्याओं का समाधान कर अंतिम संस्कार की गरिमा को बहाल करता है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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