आमेट में मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर के महंत नन्दादास महाराज की चादर विधि संपन्न
२४ वर्ष की धूणी तपस्या पूर्ण होने पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा और भण्डारे के साथ मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान ने नन्दादास महाराज को प्रतिष्ठित चादर ओढ़ाई।

राजस्थान के आमेट में स्थित मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में आयोजित विशेष महन्ताई चादर विधि समारोह के दौरान बैठक में विचार-विमर्श करते मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान के पदाधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महंत।
आमेट। राजस्थान के आमेट नगर स्थित सुप्रसिद्ध मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में भक्ति, त्याग और सनातन परंपरा का एक अनूठा और गौरवपूर्ण अध्याय रचा गया है। मंदिर के पूज्य संत नन्दादास महाराज की २४ वर्ष की अनवरत एवं कठिन धूणी शांति तपस्या पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा, भव्य महन्ताई चादर विधि एवं विशाल भण्डारा कार्यक्रम में पूरे प्रदेशभर से संतों और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस भव्य धार्मिक महोत्सव में आमेट सहित संपूर्ण मेवाड़ क्षेत्र और राजस्थान के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में धर्मप्रेमी जनता, विशिष्ट संत-महंत और सनातन धर्मावलंबी साक्षी बने।
इस त्रिआयामी महाआयोजन के अंतिम दिन मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान के तत्वावधान में विशेष महन्ताई चादर विधि समारोह का भव्य आयोजन किया गया। पूर्ण विधि-विधान, वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के गगनभेदी घोष के बीच संत नन्दादास महाराज को मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर आमेट की प्रतिष्ठित महन्ताई चादर ओढ़ाकर विधिपूर्वक सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित शीर्ष संतों ने नव-मनोनीत महंत नन्दादास महाराज पर पुष्पवर्षा करते हुए उन्हें शुभाशीष प्रदान किया और मंदिर की इस प्राचीन व समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। इस गरिमामयी महन्ताई चादर विधि महोत्सव में मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत संत दास महाराज, महामंडलेश्वर महंत सीताराम दास महाराज, संस्थान के कोषाध्यक्ष महंत रामकृष्ण दास त्यागी एवं सचिव महंत राम सुरेश दास (राधे बाबा) सहित राजस्थान के सुदूर क्षेत्रों से पधारे अनेक स्थानधारी महंतों ने सहभागिता की और पारंपरिक नियमों के तहत चादर ओढ़ाकर संत नन्दादास महाराज का भावभीना अभिनंदन किया।
धार्मिक अनुष्ठानों की इस श्रृंखला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता रहा। व्यासपीठ से भक्ति, सनातन धर्म, मानव सेवा, तपस्या और जनकल्याण से जुड़े अत्यंत मर्मस्पर्शी प्रसंगों का भावपूर्ण और जीवंत वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा की पूर्णाहुति पर एक विशाल भण्डारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर के हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसादी ग्रहण की। पूरे सात दिनों तक मंदिर परिसर निरंतर भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठानों और उच्च कोटि के संतों के पावन सान्निध्य से दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। आयोजन समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने संपूर्ण व्यवस्थाओं में सक्रिय एवं अनुकरणीय सहयोग प्रदान किया। आमेट के नगरवासियों ने इस ऐतिहासिक और भव्य समागम को क्षेत्र की धार्मिक व सांस्कृतिक परंपरा का एक अत्यंत गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय आयोजन बताया है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
