आमेट से गुजरात के दशामाता मंदिर के लिए 31 फीट ऊंचा त्रिशूल रवाना
आमेट निवासी रोनक गवारिया द्वारा 1011 किलो वजनी सप्तधातु त्रिशूल भेंट, 350 किमी की यात्रा तय कर मीनावाड़ा में होगी स्थापना।

आमेट में शुक्रवार को श्रद्धालु रोनक गवारिया द्वारा गुजरात के मीनावाड़ा स्थित दशामाता मंदिर हेतु अर्पित 31 फीट ऊंचे और 1011 किलो वजनी सप्तधातु त्रिशूल की रवानगी से पूर्व पूजा-अर्चना करते ग्रामीण।
आमेट। नगर में शुक्रवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब 31 फीट ऊँचा और लगभग 1011 किलो वजनी सप्तधातु से निर्मित विशाल त्रिशूल को ट्रक में सजाकर गुजरात के मीनावाड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध चमत्कारी दशामाता मंदिर के लिए रवाना किया गया। यह त्रिशूल आमेट निवासी श्रद्धालु रोनक गवारिया द्वारा माता जी को अर्पित किया जा रहा है।
श्रद्धा और संकल्प की पूर्णता
रोनक गवारिया ने बताया कि "उनके मन में लंबे समय से दशामाता जी को त्रिशूल अर्पित करने की श्रद्धा थी, जो अब माता की कृपा से पूर्ण हुई है।" शुक्रवार को त्रिशूल के पूर्ण निर्माण के बाद उसे ट्रक में लाकर उनके निवास स्थान पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान डीजे पर भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
शुभ मुहूर्त में यात्रा का प्रस्थान
शनिवार प्रातः 4 बजे शुभ मुहूर्त में त्रिशूल यात्रा विधि-विधान के साथ रवाना हुई। यह यात्रा लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय कर गुजरात के मीनावाड़ा पहुंचेगी, जहां दशामाता रानी के मंदिर परिसर में त्रिशूल की स्थापना की जाएगी।
धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की सहभागिता
इस धार्मिक आयोजन में गोर्धनलाल, उत्तमचंद, शंकरलाल, प्रकाशचंद्र, हरलाल, रोहित, पुनमचंद, मुकेश कुमार, महेंद्र कुमार, रतनलाल, श्रवणलाल, राजकुमार, राहुल, सुरेश कुमार सहित अनेक धर्मप्रेमी महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान आमेट नगर भक्ति और श्रद्धा के रंग में सराबोर नजर आया तथा यह अनोखी पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

Pratahkal Bureau
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