आमेट। मुस्लिम समुदाय के पवित्र माह रमजान में इबादत और संयम का जज़्बा केवल युवाओं और बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मासूम बच्चों में भी खुदा के प्रति अटूट आस्था देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में आमेट नगर के खलील हुसैन रंगसाज की 5 वर्षीय सुपुत्री सेरील बानु ने इस भीषण गर्मी और कठिन अनुशासन के बीच अपने जीवन का पहला रोजा रखकर क्षेत्र में एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है।

नन्हीं सेरील ने न केवल भोर से शाम तक अन्न-जल का त्याग कर रोजा मुकम्मल किया, बल्कि खुदा की राह में सजदा करते हुए नमाज भी अदा की और मुल्क व समाज की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। भक्ति और समर्पण का यह अनूठा संगम इस छोटी सी उम्र में देखकर हर कोई हैरान है। सेरील के भीतर धार्मिक जज़्बे और अल्लाह के प्रति इस समर्पण की चर्चा पूरे क्षेत्र में प्रमुखता से हो रही है।

इस विशेष उपलब्धि पर परिवार में हर्ष का माहौल देखा गया। परिजनों ने सेरील बानु के इस हौसले की सराहना करते हुए उसे माला पहनाई और बख्शीश देकर उसका उत्साहवर्धन किया। परिवार का कहना है कि इस प्रोत्साहन का उद्देश्य बच्ची को भविष्य में भी नेक राह पर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित करना है। मात्र 5 वर्ष की आयु में सेरील द्वारा स्थापित यह मिसाल बड़ों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो आयु कभी बाधा नहीं बनती।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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