आमेट: नहर में गिरी गौ माता के लिए देवदूत बनी गो रक्षा दल की टीम, बहादुरी से बचाई जान
आमेट के बालाजी मंदिर के समीप रात के अंधेरे में नहर में गिरी गौ माता के लिए गो रक्षा दल के सदस्य देवदूत बनकर सामने आए। कठिन परिस्थितियों और विपरीत हालातों के बावजूद टीम ने किस तरह बेजुबान की जान बचाई? पढ़ें साहस और सेवा की यह विशेष रिपोर्ट।

आमेट। क्षेत्र में गौ सेवा और पशु संरक्षण के प्रति समर्पित ‘गो रक्षा दल सरदारगढ़’ ने मानवता और संवेदनशीलता की एक मिसाल पेश की है। बीती रात बालाजी मंदिर के समीप नहर में गिरी एक असहाय गौ माता को दल के सदस्यों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरक्षित बाहर निकालकर नया जीवनदान दिया है। यह घटना तब प्रकाश में आई जब रात करीब 10 बजे गो रक्षा दल को गौ माता के नहर में गिरने की सूचना मिली।
सूचना प्राप्त होते ही गो रक्षा दल के सदस्य बिना किसी विलंब के घटनास्थल पर पहुंचे। अंधेरी रात और नहर की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, गौभक्तों ने असाधारण साहस और धैर्य का परिचय दिया। टीम के संस्थापक सदस्य लोकेश माली के नेतृत्व में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम गौ माता को सकुशल नहर से बाहर निकालने में सफल रही, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
इस चुनौतीपूर्ण बचाव कार्य में कमलेश प्रजापत, सागर प्रजापत, प्रेम सालवी, सुरेश माली, कानजी प्रजापत, प्रेम माली, कन्हैयालाल माली और भेरूलाल प्रजापत सहित अन्य गौभक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय नागरिकों ने टीम के इस सराहनीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे गौ सेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण बताया। गो रक्षा दल के सदस्यों ने इसे अपना संकल्प बताते हुए कहा कि क्षेत्र में गौवंश की रक्षा के लिए वे सदैव तत्पर हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि समय रहते की गई तत्परता और सामूहिक प्रयास से बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सकती है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
