आमेट। नगर के मुस्लिम समुदाय द्वारा शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े हर्षोल्लास, उमंग एवं उत्साह के साथ पारम्परिक रूप से मनाया गया। इस अवसर पर नगर के ईमामबाड़े (तकिया) पर सुबह करीब 8 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित हुए। यहाँ से ढोल-बाजे के साथ सामूहिक रूप में भोलीखेड़ा हवेली होते हुए मारू दरवाजा बाहर स्थित अंजुमन मदरसा पहुँचे।

अकीदत के साथ निकली ईद की सवारी

स्टेशन क्षेत्र में निवासरत समुदाय के लोगों द्वारा अन्जुमन गौसिया पर एक-दूसरे पर गुलपोसी और फूल-मालाओं के साथ "खेर मकदम" कर यहीं से नगर के चन्द्रभागा नदी तट स्थित ईदगाह के लिए सलातो-सलाम और दरूद शरीफ पढ़ते हुए रवाना हुए। जहाँ ईदगाह पहुँचकर जामा मस्जिद के पेश इमाम गुलाम मुस्तफा कादरी द्वारा ईद-उल-फितर के बारे में बताया गया कि "रमजान के पूरे माह इबादत, रोजा, जकात के फर्ज पूरे होने के बाद ईद का चांद होता है और तमाम मुस्लिम पर जकात, फितरा अदा होने के बाद ईद की नमाज होती है।"

देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ

पेश इमाम गुलाम मुस्तफा कादरी द्वारा ईद की नमाज अदा करवा देश एवं दुनिया में अम्नो-अमान की दुआ की गई। जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम भाइयों ने हिस्सा लिया तथा नमाज के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके पश्चात कब्रिस्तान पर अपने बुजुर्गों को फूल-इत्र पेश किया गया। साथ ही नदी दरवाजा स्थित सैय्यद शहीद गुलाब शाह र.अ. की दरगाह पहुँचकर फातिहा सलाम पेश कर पूरी दुनिया और भारत देश में अमन-शांति के लिए दुआएं माँगी गईं। तकिया ईमामबाड़ा पर भी फातिहा सलाम पढ़ कर देश की खुशहाली की दुआएँ माँगी गईं।

पर्व पर उमड़ा जनसैलाब और गणमान्य जनों की उपस्थिति

नमाज के बाद एक-दूसरे ने गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर मदीना मस्जिद स्टेशन के मौलाना रियाजुल हसन, हाजी मीरू खान मंसुरी, हाजी अब्दुल वहीद रहमानी, हाजी अब्दुल रज्जाक, हाजी मुबारिक मंसुरी, हाजी जब्बार शौरघर, हाजी फकीर मोहम्मद छीपा, हाजी अत्ता मोहम्मद शेख, हाजी काशम मंसुरी, हाजी मोहम्मद शाह, जहूर हुसैन शोरघर, अब्दुल रहमान उस्ता, फकीर मोहम्मद चाबुकसवार, तुफैल अहमद उस्ता, हारून कुरैशी, हमीद खान पठान, ईलाहीबक्ष कुरैशी, मोहम्मद उमर रंगसाज, आजाद शाह, अजमत कुरैशी, अस्लम उस्ता, हाजी मोहम्मद शेख, ताहीर अली शौरघर, जाफर खान फौजदार, फिरोज़ शेख, आजाद मंसुरी, अमीर मोहम्मद शोरघर, शब्बीर हुसैन, छोटू शाह, सलीम मंसुरी, मैराज बैंग, अली मोहम्मद, अल्ताफ खान पठान, अशरद शेख, सिराज शेख, ईशाक उस्ता, फारूक शाह, सलीम शोरघर सहित बड़ी संख्या में बड़े-बुजुर्ग उपस्थित थे।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

Next Story