आमेट: नाले के पक्के निर्माण की मांग को लेकर मोहल्लेवासियों ने दिया ज्ञापन
चंद्रभागा नदी तट पर स्थित कच्चे नाले से मकानों की नींव को खतरे और गंदगी की समस्या के समाधान हेतु नगर पालिका को सौंपा हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन।

प्रशासनिक लापरवाही और वर्तमान स्थिति
परन्तु नगर पालिका प्रशासन की बेपरवाही के चलते 3-4 वर्ष बीत जाने के बाद भी उक्त नाले का पक्का निर्माण नहीं करवाया गया हे। यह नाला अब एक बड़ी नहर मे तब्दील हो गया है।
- सफाई के अभाव में यहाँ गंदगी का आलम लगा रहता है।
- जहरीले जानवरो का डर हमेशा बना रहता है।
- नाले में सुअर व अन्य जानवरों के विचरण करने से नाला नहर मे तब्दील हो गया है।
मकानों पर मंडराता खतरा
"आस पास के जो मकान बने हैं, उनमे नाले का पानी नींव मे जा रहा है। जिसमें मकान दिन प्रति दिन कमजोर होते जा रहे हैं।"
मोहल्लेवासियों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन
इस संबंध में सोमवार को मोहल्ले वासियों द्वारा एक हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन देकर कच्चे नाले को पक्के नाले मे निर्माण की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सम्मिलित रहे:
- भीमराज सालवी
- गेहरीलाल
- प्रकाश
- प्रभूलाल
- लेहरू राव
- गोवर्धन लाल
मोहल्ले वासीयों ने कच्चे नाले को पक्के नाले में निर्माण करवाने की मांग की है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
