आमेट के ढेलाणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर छात्रों और ग्रामीणों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। कार्रवाई के बाद तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई।

आमेट उपखंड क्षेत्र के ग्राम ढेलाणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया तथा विद्यालय के बाहर टायर जलाकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए विद्यालय का शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित रहा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में 168 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में कुल 8 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन उनमें से 3 शिक्षक अवकाश पर होने के कारण केवल 5 शिक्षक ही विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि इतने कम शिक्षकों के भरोसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है। इससे विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और कई विषयों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की कमी की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की जा चुकी है। कई बार विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी भी की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। इसी के चलते शुक्रवार को विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व विद्यार्थियों से समझाइश कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस संबंध में आमेट मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मामला एक दिन पूर्व ही कुछ ट्रांसफर होने से संज्ञान में आ गया था। उन्होंने गुरुवार को ही पीईईओ सेलागुड़ा को मौखिक निर्देश जारी कर शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए कहा था। इसके बाद शुक्रवार सुबह पीईईओ कार्यालय द्वारा लिखित आदेश जारी कर ढेलाणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई, जिन्होंने विद्यालय पहुंचकर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षकों की कमी केवल ढेलाणा विद्यालय की समस्या नहीं है, बल्कि ब्लॉक के कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि विभाग उपलब्ध संसाधनों के अनुसार व्यवस्थाएं कर रहा है, लेकिन स्थायी समाधान तभी संभव होगा, जब सरकार व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के रिक्त पदों को स्वीकृत कर स्थानांतरण और नई नियुक्तियों के माध्यम से उन्हें भरेगी।

तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के आदेश जारी होने और उनके विद्यालय पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया तथा विद्यालय का ताला खोल दिया। शिक्षा विभाग ने भविष्य में भी आवश्यकतानुसार शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विभाग भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होने देगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित होती रहेगी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story