आमेट: ढेलाणा भैरूनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र का समापन, चंद्रभागा में ज्वारा विसर्जन
भजन संध्या और धार्मिक झांकियों के साथ उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; विधि-विधान से चंद्रभागा नदी में ज्वारा विसर्जित किया गया।

आमेट में भजन संध्या के दौरान प्रस्तुत की गई अंबे माताजी की झांकी.
आमेट उपखंड मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर दूर प्रसिद्ध ढेलाणा भैरूनाथ के प्राचीन मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव का चंद्रभागा नदी में ज्वारा विसर्जन के साथ धूमधाम से समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विसर्जन से पहले आयोजित भव्य भजन संध्या में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भजनों की प्रस्तुतियों पर भक्त झूम उठे।
श्री ढेलाणा भैरूनाथ विकास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक नेजा और ज्वारा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भैरूजी के भोपाजी और अन्य पुजारी ज्वारा को सिर पर धारण कर विसर्जन के लिए चंद्रभागा नदी पहुंचे। ज्वारा विसर्जन के मार्ग में पड़ने वाले गुंदी माताजी, गराड़ी माताजी और खाखरिया भैरूजी के ज्वारा का भी साथ में विसर्जन किया गया।
विसर्जन से पूर्व मंदिर समिति की ओर से रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। इसमें धोइंदा के धुंधलाज म्युजिकल ग्रुप ने भव्य भजन संध्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। गायक राजु रावल, आयुश आकोला, श्याम सुथार, गायक एवं हंसा रंगीली, कॉमेडी कलाकार रमेश कुमावत और डांसर अंकित बाबु ग्रुप ने भगवान के प्रांगण में भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने धार्मिक झांकियों का भी भव्य प्रदर्शन किया।
भजन संध्या में 'जागन में वेगा आवजो', 'मारा ढेलाणा का श्याम', 'गुंगरा बाजता आवे भेरू', 'चौसठ जोगणी देवलिया रम जाए', 'नखरला भेरू', 'चिताला भैरू आवजो' और 'रुंन जून बाजे गुंगरा' जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। वहीं, कलाकारों ने अंबे माताजी, शिवजी और भैरूजी की झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को देवताओं के दर्शन करवाए।
ज्वारा विसर्जन के अवसर पर ढेलाणा भैरूजी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया। क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध शक्तिपीठों और मंदिरों में भी नवरात्र विसर्जन की शोभायात्राओं में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इनमें बिकावास माताजी, पर्वती माताजी, सिम माताजी कमेरी और गूंदी माताजी के मंदिर शामिल रहे।
इस अवसर पर भैरूनाथ ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष जगदीश पालीवाल, महासचिव भैरूलाल कुमावत, बाबूलाल पालिवाल, रमेश कुमावत, मोहनलाल, रामलाल, हंसराज, सुरेश, देवीलाल और थाना अधिकारी नारू लाल गहलोत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। चंद्रभागा नदी में ज्वारा विसर्जन और मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के साथ क्षेत्र में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन हुआ।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
