आमेट। आमेट न्यायालय के सिविल न्यायाधीश एवं मजिस्ट्रेट विजय टांक ने गुरुवार को चेक अनादर (धारा 138) के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी हरिसिंह पुत्र मनोहर सिंह राजपूत, निवासी धनोली, को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई और चेक में उल्लिखित राशि 3,29,561 रुपये के एवज में 4 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

मामले के अनुसार, राजसमंद जिला सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड, शाखा आमेट की ओर से जारी किए गए ऋण के भुगतान के लिए आरोपी ने 10 जुलाई 2017 को ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, शाखा राजसमंद में चेक संख्या 693594 में उक्त राशि भरी थी। हालांकि, आरोपी के खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक के सचिव ने आरोपी के खिलाफ आमेट न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाया।

करीब सात वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद गुरुवार को न्यायाधीश विजय टांक ने आरोपी को धारा 138 भारतीय दंड संहिता एवं पराक्रम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत दोषसिद्ध करार दिया। न्यायालय ने दोषी ठहराने के साथ ही न केवल जेल की सजा सुनाई, बल्कि चेक की राशि की पुनर्भुगतान हेतु जुर्माने का प्रावधान भी लागू किया।

यह फैसला न केवल चेक बाउंस जैसी वित्तीय अनियमितताओं के प्रति कड़ी चेतावनी है, बल्कि स्थानीय वाणिज्यिक एवं बैंकिंग लेन-देन में अनुशासन और जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने का भी संदेश देता है।

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Pratahkal Bureau

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