राजकीय महाविद्यालयों में प्रशासनिक पदों पर नियमित भर्ती के लिए आमेट में ज्ञापन
आमेट में शैक्षिक महासंघ ने संविदा नियुक्ति का विरोध करते हुए नवीन राजकीय महाविद्यालयों के मंत्रालयिक पदों को मूल कैडर में शामिल करने की मांग की।

आमेट उपखण्ड कार्यालय में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सदस्य एवं सहायक आचार्य।
आमेट। राजकीय महाविद्यालय आमेट के अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) के आमेट इकाई सदस्यों ने उपखण्ड अधिकारी आमेट को प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
नवीन महाविद्यालयों की स्थिति और रिक्त पदों की समस्या
ज्ञापन में बताया कि महाविद्यालय शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्ष 2021 से 2025 के मध्य राजस्थान सोसायटी के अधीन लगभग 374 नवीन राजकीय महाविद्यालय खोले गए। इन महाविद्यालयों में:
- यूजीसी मानकों एवं महाविद्यालय संचालन के लिए कई मंत्रालयिक एवं लिपिकीय पद अब तक रिक्त हैं।
- इन रिक्त पदों के कारण महाविद्यालयों का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
संविदा नियुक्ति के निर्णय का कड़ा विरोध
ज्ञापन में बताया गया कि 31 अगस्त 2025 को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इन रिक्त पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई, जिसका अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) ने कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि:
"संविदा नियुक्तियां न तो स्थायी समाधान हैं और न ही इससे महाविद्यालयों के दीर्घकालिक हित सुरक्षित रह सकते हैं।"
प्रमुख मांगें: नियमित भर्ती और कैडर विलय
ज्ञापन के माध्यम से राजकीय महाविद्यालय आमेट सहित समस्त नवीन महाविद्यालयों में प्रशासनिक पदों पर नियमित भर्ती एवं पदोन्नति की प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि:
- राजस्थान सोसायटी के अधीन संचालित महाविद्यालयों को पूर्ण रूप से राज्य सरकार के राजकीय महाविद्यालयों में परिवर्तित किया जाए।
- वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत मंत्रालयिक पदों को महाविद्यालय शिक्षा विभाग के मूल कैडर में सम्मिलित किया जाए।
सरकार से पुनर्विचार का अनुरोध
महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित संगठनों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि संस्थान हित, राज्य हित एवं कर्मचारी हित को ध्यान में रखते हुए संविदा नियुक्ति के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि राजकीय महाविद्यालयों की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके एवं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।
उपस्थिति
इस दौरान निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे:
- कैलाश चन्द्र खटीक (सह सचिव, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजसमंद एवं सहायक आचार्य)
- डॉ. भरत सिंह राव
- नरेन्द्र सिंह तंवर
- कैलाश चन्द्र बुनकर
- एवं अन्य सदस्य

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
