दो दिवसीय संगोष्ठी में शैक्षिक नवाचार, प्रशासनिक दक्षता और विद्यालय विकास पर मंथन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।

आमेट स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में आयोजित दो दिवसीय आमेट ब्लॉक स्तरीय प्रधानाचार्य सत्रारंभ वाक्पीठ संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ। सीबीईओ नारायण सिंह राव के निर्देशन में आयोजित इस संगोष्ठी में शिक्षा, प्रशासनिक दायित्व, शैक्षिक नवाचार और विद्यालयों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। समापन समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षाविदों और ब्लॉक के प्रधानाचार्यों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।

संगोष्ठी के द्वितीय दिवस की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं प्रेरक प्रसंग के साथ हुई। समापन समारोह के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक छगन लाल पूर्बिया रहे, जबकि अध्यक्षता वाक्पीठ संगोष्ठी के अध्यक्ष भंवरलाल पालीवाल ने की। वाक्पीठ उपाध्यक्ष रेखा आमेटा ने संगोष्ठी का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए दो दिवसीय कार्यक्रम की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि एसीबीईओ राम अवतार मीणा ने प्रधानाचार्य के विभिन्न दायित्वों को रेखांकित करते हुए विद्यालय प्रबंधन में नेतृत्व क्षमता की आवश्यकता बताई। मुख्य वार्ताकार सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं शिक्षाविद् बृज कांत जोशी देवगढ़ ने शिक्षा और सांस्कृतिक बोध पर विस्तृत वार्ता प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि वही प्रधानाचार्य सफल होता है, जो विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्व योजना बनाकर कार्य करता है। उन्होंने वाक्पीठ संगोष्ठी के महत्व को प्रतिपादित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में नवाचार और सांस्कृतिक मूल्यों के समावेश पर जोर दिया। राउमावि जिलोला द्वारा पोषाहार और बाल गोपाल दूध योजना पर भी जानकारी दी गई।

मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी छगन लाल पूर्बिया ने विभागीय जांच और पीईईओ के दायित्वों के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि एक कुशल प्रधानाचार्य भामाशाहों को प्रेरित कर विद्यालय के शैक्षिक और सह-शैक्षिक विकास को नई दिशा दे सकता है। राउमावि घोसुण्डी के प्रधानाचार्य अविनाश जोशी ने एसएनए और लेखा नियमों पर विस्तृत जानकारी दी। वाक्पीठ सचिव प्रधानाचार्य निरंजन पालीवाल ने राज्य सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए संचालित विभिन्न हितकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। कोषाध्यक्ष एवं राउमावि खाखरमाला के प्रधानाचार्य देवी लाल खटीक ने आईएफएमएस 3.0 और टैक्स ऑनलाइन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

वाक्पीठ अध्यक्ष भंवरलाल पालीवाल ने कार्यकारिणी के करणीय कार्यों और दायित्वों की जानकारी देते हुए संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया। पीएम श्री राउमावि के केन्द्राध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मुकेश वैष्णव ने किया।

समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा अध्यक्ष भंवरलाल पालीवाल, सचिव निरंजन पालीवाल, अविनाश जोशी, रेखा आमेटा, मंच संयोजक मुकेश वैष्णव, कोषाध्यक्ष देवी लाल खटीक, ओम प्रकाश गोठवाल तथा केन्द्राध्यक्ष प्रकाश चन्द्र प्रजापत का तिलक, ईकलाई और मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य महावीर प्रसाद बघेरवाल, सुरेन्द्र सिंगल, सुरेश कुमावत, निलेश कुमार खटीक, ओम प्रकाश मेवाड़ा, गीता वराणिया, सुधा शर्मा, संजू शर्मा, लक्ष्मण लाल रेगर, कालूराम, नरेश कुमार साफेला, मदन लाल बुनकर, सुनील कुमार यादव और मनोहर लाल विश्नोई सहित आमेट ब्लॉक के समस्त प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। संगोष्ठी का समापन शिक्षा व्यवस्था में समन्वित नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और शैक्षिक नवाचारों को नई दिशा देने के संदेश के साथ हुआ।.

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story