रामचरित मानस मास पारायण का आमेट में हुआ विश्राम, एक माह तक चला धार्मिक पाठ
आमेट के भेरू बावड़ी अखाड़ा में एक माह से चल रहे रामचरित मानस मास पारायण का रविवार रात 9 बजे विश्राम हुआ, मानस प्रेमी हुए शामिल।

तस्वीर में आमेट के भेरू बावड़ी अखाड़े के भीतर भगवान शिव के बड़े पोस्टर के सामने बैठकर रामचरित मानस का पाठ करते हुए मानस प्रेमी नजर आ रहे हैं।
आमेट नगर के भेरू बावड़ी अखाड़ा में एक माह से चल रहे रामचरित मानस मास पारायण पाठ का रविवार रात 9 बजे विश्राम हुआ। परम धर्म मानस मंडल के तत्वावधान में तुलसीदास जयंती से पूर्व आयोजित इस मास पारायण पाठ की शुरुआत आषाढ़ शुक्ल पंचमी से हुई थी।
तीस दिन चले मास पारायण का श्रावण शुक्ल पंचमी को विश्राम दिया गया। प्रतिदिन मास पारायण का पाठ रात 8 बजे से पाठ पूर्ण होने तक चलता था। क्षेत्र में शांति, खुशहाली और आनंद के लिए आयोजित इस मास पारायण में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मानस प्रेमी भाग लेते थे।
एक माह तक चले इस धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर भेरू बावड़ी अखाड़ा में मानस प्रेमियों ने रामचरित मानस का पाठ किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की नियमित सहभागिता रही और रविवार रात 9 बजे मास पारायण का विधिवत विश्राम हुआ।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
