आमेट: नन्हें नौनिहालों के भविष्य को गढ़ेंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और विभाग ने संयुक्त कार्यशाला में सिखाईं आधुनिक शिक्षा की बारीकियां
आमेट में महिला एवं बाल विकास विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा 143 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सेठ तख़त मल कछारा स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के भाषाई, संज्ञानात्मक और रचनात्मक विकास के लिए खेल-खेल में शिक्षा देने के आधुनिक गुर सिखाए गए। विशेषज्ञों ने कहानी और गतिविधियों के माध्यम से नौनिहालों का भविष्य संवारने पर जोर दिया।

आमेट। बच्चों के कोमल मानस को सही दिशा देने और प्रारंभिक बाल्यावस्था में शिक्षा की मजबूत नींव रखने के उद्देश्य से सोमवार को आमेट उपखंड मुख्यालय पर एक वृहद और प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस 'डेमोंसट्रेशन टाइप सेकंड' कार्यशाला में ब्लॉक की सभी 143 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेठ तख़त मल कछारा अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल कार्यकर्ताओं के कौशल को निखारा, बल्कि ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक नई चेतना का संचार भी किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रमोद कुमार पारीक द्वारा किया गया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के लव कुमार, अफसाना बानू और आसिफ खान के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों का सर्वांगीण विकास रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, शारीरिक और रचनात्मक विकास का आधार है।
कार्यशाला के दौरान कहानी वाचन, कविताओं का सस्वर पाठ, जानवरों की पहचान करने के तरीके, पेपर फोल्डिंग खेल और विभिन्न गतिविधियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया कि खेल-खेल में दी जाने वाली शिक्षा किस प्रकार बच्चों की भाषा शैली, संज्ञानात्मक क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। प्रशिक्षण में गायत्री शर्मा, कैलाश देवी, पवन कंवर, मंजू चरण, आबिदा बेगम, सरोज, मंजू कंवर, सीता कंवर और मधु सेन जैसी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लेकर आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को आत्मसात किया। साथ ही महिला पर्यवेक्षक नर्मदा ट्रेलर, संजू सेन और तुलसी देवी ने भी अपनी उपस्थिति से प्रशिक्षण को मजबूती प्रदान की।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रमोद कुमार पारीक ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 3 से 6 वर्ष के बच्चे मिट्टी के उस कच्चे पुतले के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए, वे वैसा ही आकार ले लेते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करें और उन्हें आनंददायक वातावरण में शिक्षित करें ताकि उनका भाषा कौशल और व्यवहारिक ज्ञान प्रखर हो सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक सरकारी औपचारिकता न रहकर, आमेट ब्लॉक के आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा। 143 कार्यकर्ताओं का यह समूह अब नई ऊर्जा और नवाचारों के साथ अपने केंद्रों पर लौटेगा, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के हजारों बच्चों को मिलेगा। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि बुनियादी स्तर पर शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाया जाए, तो समाज के भविष्य की नींव को पत्थर की तरह मजबूत किया जा सकता है।

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