राजस्थान के आमेट नगर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर अंबेडकर जयंती समारोह समिति के तत्वावधान में एक अभूतपूर्व और भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धा, उत्साह और उमंग के त्रिवेणी संगम के बीच आयोजित इस समारोह का मुख्य आकर्षण नगर के मुख्य बस स्टैंड स्थित अंबेडकर सर्किल पर बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा का गरिमामय अनावरण रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता एवं उद्घाटन प्रख्यात समाजसेवी नारू लाल रेगर द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, प्रबुद्धजन सहित मातृशक्ति और युवा शक्ति उपस्थित रही, जिन्होंने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

उत्सव का शुभारंभ बहुजन समाज द्वारा आयोजित एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा से हुआ। यह शोभायात्रा रेलवे स्टेशन सराय से अत्यंत उत्साह के साथ प्रारंभ होकर रेलवे स्टेशन, पुलिस थाना, मुख्य बस स्टैंड, बैंक रोड, सब्जी मंडी, गणेश चौक, बड़ी पोल, रामदेव मंदिर, जयसिंह श्याम मंदिर, राम चौक, तकिया रोड और लक्ष्मी बाजार जैसे नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। समूचा नगर बाबा साहेब के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और अंततः यह यात्रा पुनः मुख्य बस स्टैंड स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यहाँ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, तहसीलदार पारसमल बुनकर एवं उद्घाटनकर्ता नारू लाल रेगर सहित मंचासीन अतिथियों ने विधिवत फीता काटकर प्रतिमा का लोकार्पण किया। आयोजनकर्ताओं द्वारा सभी अतिथियों का साफा पहनाकर, ऊपरना ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत डॉ. अंबेडकर एवं महात्मा ज्योतिराव फुले के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने बाबा साहेब के दूरदर्शी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज से उनके अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए समर्पित होने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय 'मेरी जय-जयकार करने के बजाय मेरा अधूरा कार्य पूरा करने के लिए जान की बाजी लगा दो' रखा गया, जिस पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। विधायक ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि नगर पालिका द्वारा शिवरात्रि महोत्सव की तर्ज पर आगामी बाबा रामदेव जयंती पर भी भव्य शोभायात्रा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए दो लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। समारोह के दौरान कोशल गौड़, नारू लाल रेगर, सुरेश रेगर, ज्योति जीनगर एवं डॉ. सत्यनारायण जीनगर ने भी प्रभावी उद्बोधन दिया, जबकि पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमन कंसारा ने सभी का आभार ज्ञापित किया।

इस गरिमामयी उपस्थिति में अधिशासी अभियंता सुदर्शन सिंह जांगू, तहसीलदार पारसमल बुनकर, एईएन शंकरलाल चंगेरीवाल, राष्ट्रीय सचिव (नई दिल्ली) रविन्द्र सिंह गुड़ा, राज्य विधि सलाहकार एडवोकेट जितेंद्र सिंह गिरावड़ी, प्रदेश प्रभारी रविन्द्र माली, जगदीश कुमावत, डॉ. दीनदयाल हाडा, संयोजक मोहनलाल सालवी, जिला उपाध्यक्ष सुरेश रेगर, जिला सचिव धर्मेश सालवी, भीम सेना अध्यक्ष भंवरलाल सालवी, प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष राजुलाल रेगर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चुंडावत, ज्योति जीनगर, डॉ. राजेश कुमारी मेघवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष राधेश्याम खटीक, राजेंद्र लोहार, जसराज खटीक, राजेश पालीवाल, अरुण मिश्रा, मोहनलाल बुनकर और दौलत सिंह चुण्डावत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्यारेलाल आमेट एवं बाबूलाल सालवी द्वारा किया गया। यह आयोजन न केवल बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम बना, बल्कि सामाजिक समरसता और उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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