आमेट। कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति की ओर से बुधवार को कृषि पर्यवेक्षकों की दो वर्षों से लंबित डीपीसी सहित 11 सूत्रीय मांगों के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री के नाम आमेट उपखंड अधिकारी राजेश मीणा को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में कृषि पर्यवेक्षकों की दो वर्षों से लंबित डीपीसी शीघ्र करवाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। समिति ने ऑनलाइन कार्यों के लिए रिचार्ज भत्ता, बहुआयामी एवं अतिरिक्त चार्ज भत्ता, किसान सेवा केंद्र के किराए व रखरखाव की राशि, आवश्यक पदों के सृजन तथा पदोन्नति कोटा बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों के समाधान की मांग की।

कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति ने मांगों का समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही समिति ने ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।

ज्ञापन देने वालों में कृषि पर्यवेक्षक सुरेंद्र सिंह, विकास शर्मा, सीताराम खटीक, इंद्रा रेगर, अन्नू सिंह शेखावत सहित अन्य कृषि पर्यवेक्षक मौजूद रहे। दो वर्षों से लंबित डीपीसी समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मांगों के शीघ्र समाधान की मांग रखी है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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