आमेट। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ब्लॉक स्तरीय पोषक अनाज योजना के तहत एक भव्य रोड शो का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य आम जनता को मोटे अनाजों के महत्व और स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना था। यह आयोजन स्थानीय स्तर पर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज और मोटापे की बढ़ती समस्या के मद्देनजर किया गया।

रोड शो को हरी झंडी दिखाकर सहायक विकास अधिकारी सुनील त्रिपाठी, सांख्यिकी अधिकारी दिगपाल सिंह एवं शैल सिंह चुंडावत, व्यवस्थापक विक्रय सहकारी समिति लि., आमेट ने रवाना किया। इसके साथ ही कृषि विभाग आमेट के सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र सिंह राणावत, कृषि पर्यवेक्षक मनीष कुमार और किशन लाल गुर्जर जागरूकता वाहन के साथ आम लोगों को मोटे अनाजों के पोषण संबंधी लाभों की जानकारी देने के लिए निकले।

विशेषज्ञों के अनुसार, मोटे अनाज न केवल कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और उच्च पाचक रेशों से भरपूर होते हैं, बल्कि बाजरे में चावल की तुलना में 10 गुण और गेहूं की तुलना में डेढ़ गुना अधिक आयरन होता है। वहीं, ओमेगा-3 की मात्रा गेहूं से 3.5 गुना अधिक होती है और इसमें जिंक की मात्रा भी दोगुनी होती है। इसके अलावा, मोटे अनाज ग्लूटन मुक्त होते हैं और यह न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि किसानों और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं।

आयोजन के दौरान अधिकारियों ने आम जनता से आग्रह किया कि अपने दैनिक आहार में केवल गेहूँ और चावल ही नहीं, बल्कि ज्वार, बाजरा और रागी जैसे पोषक अनाजों को भी शामिल करें। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से कृषि विभाग ने न केवल स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान दिया, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों के महत्व और उनका संरक्षण करने का संदेश भी दिया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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