देश सेवा के संकल्प के साथ भारतीय सेना की कठिन सैन्य प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद आरनी गांव के होनहार युवा अग्निवीर शोएब रंगरेज ने मंगलवार को कपासन स्थित मेवाड़ क्षेत्र के प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी दी। इस दौरान उन्होंने चादर शरीफ पेश कर देश में आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और अमन-चैन की दुआ मांगी।

जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना की छह माह की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूर्ण करने के उपरांत शोएब रंगरेज पहली बार दरगाह शरीफ पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए मुल्क की तरक्की, शांति और सामाजिक सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थना की। अग्निवीर के रूप में उनकी इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर अंजुमन कमेटी कपासन के सदर अश्फाक तुर्किया, शोएब रंगरेज के पिता कालू मोहम्मद, एडवोकेट मोहम्मद अब्बास, पूर्व पार्षद गुड्डू खान, अंजुमन कमेटी सदस्य मोहम्मद गनी शेख, एडवोकेट शरीफ मोहम्मद मंसूरी, पत्रकार मुबारिक अजनबी, मोहम्मद राशिद न्यारगर, आरनी सदर ईद मोहम्मद, मौलाना इस्माईल, रिहान खान, एसपी बैरवा, तुलसीराम बैरवा, अकबर मोहम्मद, अल्ताफ, आशिफ, निसार तथा अजीज मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

समाज के लोगों ने अग्निवीर शोएब रंगरेज का माला और पगड़ी पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। उपस्थित गणमान्यजनों ने उनकी उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा का मार्ग चुनना गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शोएब की सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अग्निवीर शोएब रंगरेज के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की सराहना की। यह अवसर न केवल एक युवा की उपलब्धि का सम्मान था, बल्कि समाज में देशभक्ति, सौहार्द और सकारात्मक प्रेरणा का संदेश देने वाला भी बना।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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